गरियाबंद। नए शैक्षणिक सत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गरियाबंद पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान तीन निजी स्कूलों की 18 स्कूल बसों की सघन जांच की गई, जिनमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 6 बसों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत श्रद्धा पब्लिक स्कूल, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और एंग्लो एंजल्स पब्लिक स्कूल की बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त मिली, जबकि कुछ वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर पाए गए। इन खामियों पर परिवहन विभाग ने मौके पर ही चालानी कार्रवाई की।
अभियान के दौरान सड़क पर वाहन चलाते हुए 7 नाबालिग छात्र भी पकड़े गए। यातायात पुलिस ने उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की और अभिभावकों को भविष्य में नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन नहीं सौंपने की हिदायत दी।
संयुक्त टीम ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण समय-समय पर अद्यतन रखें, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
पुलिस और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में भी जिलेभर में स्कूल बसों और नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध इसी तरह की संयुक्त जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।





