20 फीट सीढ़ी चढ़कर रोज स्कूल जाते हैं बच्चे: गरियाबंद में 3 साल से पुल अधूरा, NHRC ने CS से 2 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
गरियाबंद। जिले के देहारगुड़ा में अधूरे पुल के कारण स्कूली बच्चों के करीब 20 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़कर रोज स्कूल जाने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव (CS) को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को कलेक्टर रणवीर शर्मा शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, सेतु शाखा तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ देहारगुड़ा पहुंचे और अधूरे पुल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पुल पर चढ़कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश रुकते ही पुल का शेष निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाए। इसके साथ ही पुल स्थल पर 24 घंटे निगरानी के लिए 6 सुरक्षा गार्ड तैनात करने, आम लोगों की आवाजाही रोकने तथा पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड 24 घंटे के भीतर लगाने के आदेश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि यदि पुल के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
4.71 करोड़ की लागत से बन रहा है पुल
देहारगुड़ा में पुल निर्माण के लिए 4.71 करोड़ रुपए की स्वीकृति नवंबर 2023 में मिली थी। निर्माण कार्य 9 सितंबर 2024 को शुरू हुआ, जबकि पुल की पहली नींव जनवरी 2025 में रखी गई।
निर्माण के दौरान बिजली के पोल नहीं हटने से काम प्रभावित हुआ। मार्च 2025 में पोल स्थानांतरित होने के बाद निर्माण कार्य ने गति पकड़ी, लेकिन अंतिम चरण में लगातार हुई तेज बारिश के कारण काम फिर रुक गया। इसी वजह से पुल अब तक अधूरा है।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
हाल ही में बच्चों के अधूरे पुल पर लगी अस्थायी सीढ़ी से चढ़कर नदी पार करने के वीडियो सामने आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद NHRC ने मामले को बच्चों के मानवाधिकार और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
विधायक और जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायक जनकराम ध्रुव भी मौजूद रहे। उन्होंने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए पुल निर्माण में हो रही देरी पर सवाल उठाए। वहीं जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने भी निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार ठहराते हुए जल्द कार्य पूरा करने की मांग की।
दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन के अनुसार पुल निर्माण कार्य को दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
एक नजर में
- स्थान: देहारगुड़ा, जिला गरियाबंद
- पुल की लागत: ₹4.71 करोड़
- स्वीकृति: नवंबर 2023
- निर्माण प्रारंभ: 9 सितंबर 2024
- नींव रखी गई: जनवरी 2025
- NHRC की कार्रवाई: मुख्य सचिव से 2 सप्ताह में रिपोर्ट तलब
- सुरक्षा व्यवस्था: 6 गार्ड तैनात करने के निर्देश
- निर्माण लक्ष्य: दिसंबर 2026 – जनवरी 2027


