राधे पटेल | गरियाबंद मैनपुर। शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के सरकारी दावों के बीच मैनपुर विकासखंड के ग्राम लेड़ीबाहार की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां संचालित प्राथमिक शाला पिछले तीन वर्षों से एक ग्रामीण के निजी मकान में किराए पर संचालित हो रही है। वर्ष 2023 में जर्जर और खतरनाक घोषित किए गए पुराने स्कूल भवन को डिस्मेंटल कर दिया गया था, लेकिन आज तक नए भवन की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। परिणामस्वरूप मासूम बच्चों को लगातार तीसरे शैक्षणिक सत्र में भी अस्थायी व्यवस्था के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
एक कमरे में सिमटी शिक्षा, बच्चों को नहीं मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं
पुराने भवन को हटाते समय विभागीय अधिकारियों ने जल्द नए भवन के निर्माण का आश्वासन दिया था। इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया गया, लेकिन फाइलें विभिन्न स्तरों पर अटकी हुई हैं। तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
वर्तमान में स्कूल एक निजी मकान में संचालित हो रहा है, जहां पर्याप्त कक्ष, खेल मैदान, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। सीमित स्थान के कारण कई बार अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं मुश्किलें
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बारिश के दिनों में किराए के मकान में सीलन और जगह की कमी के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित होती है। अभिभावकों को चिंता है कि लंबे समय तक अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई होने से बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि नए भवन की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।
ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नए भवन की स्वीकृति मिल जाती तो आज बच्चों को किराए के मकान में पढ़ाई नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द स्वीकृति जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बच्चों को वर्षों तक इंतजार कराना उचित नहीं है। स्कूल भवन के अभाव में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
“लेड़ीबाहार प्राथमिक शाला भवन के डिस्मेंटल होने की जानकारी विभाग के संज्ञान में है। नए भवन की आवश्यकता को देखते हुए इस संबंध में उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।”
— देवनाथ बघेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), मैनपुर
एक नजर में
- स्थान: लेड़ीबाहर, विकासखंड मैनपुर
- पुराना भवन डिस्मेंटल: वर्ष 2023
- नया भवन: अब तक स्वीकृत नहीं
- वर्तमान व्यवस्था: निजी मकान में किराए पर संचालन
- समस्या: पर्याप्त कक्ष और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
- मांग: नए स्कूल भवन की तत्काल स्वीकृति और निर्माण


