सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके गुरुवार को जिले के सुदूर वनांचल और आदिवासी इलाकों के आकस्मिक दौरे पर पहुंचे। उन्होंने ग्राम जोबा की उचित मूल्य दुकान, नवागढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय, धवलपुर आदिवासी बालक आश्रम, कुल्हाड़ीघाट एवं मटाल के आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कमियों में तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए।
राशन दुकान में हितग्राहियों से सीधे की बात
कलेक्टर ने ग्राम जोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचकर खाद्यान्न भंडारण, स्टॉक पंजी और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें समय पर और निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिल रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि हर महीने नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराया जाता है। इस पर कलेक्टर ने सेल्समेन को पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल में बच्चों से पूछे सवाल, शिक्षकों को दी सीख
नवागढ़ के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में कलेक्टर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया। बच्चों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान और सामान्य ज्ञान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी और आश्रमों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
आंगनबाड़ी केंद्र नवागढ़ में बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार वितरण और साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने बच्चों को चॉकलेट भी वितरित की और कुपोषित बच्चों की जानकारी लेते हुए पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद धवलपुर आदिवासी बालक आश्रम में भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, स्वच्छता, छात्रावास की शयन व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुल्हाड़ीघाट, मटाल और शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम में भी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
योजनाओं की जमीनी हकीकत पर प्रशासन की नजर
कलेक्टर के इस दौरे का उद्देश्य केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वनांचल क्षेत्रों में संचालित शासकीय योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना भी था। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त लोकेश पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, पोषण, राशन और छात्रावास जैसी बुनियादी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।









