गरियाबंद: शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए गरियाबंद जिले के संकुल केंद्र-दर्रीपारा में विगत दिनों सेवानिवृत्त और स्थानांतरित हुए सात शिक्षकों के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कोसमी स्थित बुढ़ादेव मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंटकर ससम्मान भावभीनी विदाई दी गई।
इन शिक्षकों का हुआ सम्मान: कार्यक्रम में 42 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दर्रीपारा के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक रामावतार शर्मा और 31 वर्ष सेवाएं देने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोसमी के प्रधान पाठक नेकराम यादव का विशेष नागरिक अभिनंदन किया गया। इसके साथ ही संकुल से स्थानांतरित हुए पांच अन्य शिक्षकों— मनोज कुमार मेरसा, सुश्री मन्तीकुमारी मिंज, खेमलाल वर्मा, उमेश कुमार सोम और जगदेव राम नेताम को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए विदाई दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि व विशिष्ट जन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक राम ध्रुव थे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता गरियाबंद के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) राजेश कुमार चंद्राकर ने की। विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा कार्यालय के सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) गजेंद्र कुमार ध्रुव शामिल रहे। इसके अलावा दर्रीपारा के सरपंच राजकुमार सोरी, शाला विकास व प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जीवन लाल सिन्हा, शिक्षाविद एम.आर. सोम और विधायक प्रतिनिधि अशोक कुमार ध्रुव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई शुरुआत: कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक जनक राम ध्रुव और DEO राजेश कुमार चंद्राकर के कर-कमलों से मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन व पूजा-अर्चना के साथ हुआ। स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को खुशनुमा बना दिया।
दर्रीपारा के संकुल प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार ठाकुर ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों का अभिनंदन किया और विदाई ले रहे शिक्षकों द्वारा विद्यालय एवं छात्रों के हित में किए गए अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद सभी संस्था प्रमुखों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में ‘अभिनंदन पत्र’ का वाचन किया गया।
भावुक हुए शिक्षक, साझा किए अनुभव: सम्मान पाकर सेवानिवृत्त और स्थानांतरित शिक्षक भावुक नजर आए। रामावतार शर्मा, नेकराम यादव, मनोज कुमार मेरसा, मन्ती कुमारी मिंज और जगदेव राम नेताम ने अपने सेवाकाल के खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि शिक्षक जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान केवल धैर्य, संयम और आत्मविश्वास के साथ ही किया जा सकता है।
शिक्षक समाज में शिक्षा के सबसे बड़े वाहक: विधायक जनक राम ध्रुव अपने सारगर्भित उद्बोधन में मुख्य अतिथि विधायक जनक राम ध्रुव ने कहा, “शासकीय सेवकों में शिक्षक ही एक ऐसा पद है जो अपने दायित्वों से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उन्हें कभी ‘पूर्व शिक्षक’ नहीं कहा जाता। समाज में शिक्षा के सबसे बड़े वाहक शिक्षक ही होते हैं।”
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चंद्राकर ने शिक्षकों के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा, “आपके ज्ञान बांटने की यात्रा निरंतर जारी रहनी चाहिए। आपकी जिम्मेदारी समाज के प्रति सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे ताउम्र निभाना चाहिए।”
इनकी रही विशेष उपस्थिति: आयोजन को सफल बनाने में संकुल के शिक्षक महेश कुमार ठाकुर, चोवालाल साहू, उत्तम कुमार सोम, दानेश कुमार ध्रुव, ओंकार दीवान, पुरुषोत्तम साहू, अखिलेश महार, पूर्णिमा वर्मा, शिवबती ध्रुव, संगीता वर्मा समेत भारी संख्या में छात्र-छात्राएं, पालकगण और ग्रामवासियों की मौजूदगी रही। इस दौरान स्काउट गाइड दर्रीपारा के स्वयंसेवकों ने भी उत्कृष्ट व्यवस्थापन में सराहनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश ध्रुव ने किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन व्याख्याता महेश राम पटेल द्वारा किया गया।

