सोनम वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, बोले- जवाबदेही से ही आएगा बदलाव
नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, पर्यावरणविद और इंजीनियर सोनम वांगचुक इन दिनों छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही अनियमितताएं केवल शिक्षा व्यवस्था का संकट नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती हैं।
“मंत्री का इस्तीफा अंत नहीं, जवाबदेही की शुरुआत”
इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में वांगचुक ने कहा कि यदि किसी मंत्री का इस्तीफा होता है, तो वह समाधान नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने की पहली सीढ़ी होगा। उनका कहना है कि जब तक सरकार जिम्मेदारी तय नहीं करेगी, तब तक इस तरह की लापरवाही और मनमानी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा,
“जवाबदेही तय होना केवल शुरुआत है। उसके बाद यह तय करना होगा कि व्यवस्था को सही दिशा में कैसे ले जाया जाए।”
“पेपर लीक से पूरे समाज का भविष्य खतरे में”
सोनम वांगचुक ने परीक्षा में पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि कोई छात्र गलत तरीके से डॉक्टर या इंजीनियर बन जाता है, तो उसका असर पूरे समाज पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक से बने डॉक्टर लोगों की जान जोखिम में डाल सकते हैं और धोखाधड़ी से पास हुए इंजीनियर ऐसे भवन बनाएंगे जो भविष्य में हादसों का कारण बन सकते हैं। इसलिए यह केवल छात्रों का मुद्दा नहीं बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा और देश के भविष्य का प्रश्न है।
प्रधानमंत्री से की संवेदनशीलता दिखाने की अपील
वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से भी आंदोलन में शामिल होकर शिक्षा सुधार के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।
कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, नवाचारकर्ता, पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक हैं। उन्होंने SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) की स्थापना की और शिक्षा के क्षेत्र में कई अभिनव प्रयोग किए। उनकी जीवन यात्रा से प्रेरित होकर फिल्म ‘3 Idiots’ के लोकप्रिय किरदार फुंसुख वांगड़ू की रचना की गई थी। उन्हें रैमोन मैग्सेसे पुरस्कार सहित कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
शिक्षा सुधार पर राष्ट्रीय बहस तेज
सोनम वांगचुक का मानना है कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के भविष्य को गढ़ने की प्रक्रिया है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी और विश्वसनीय नहीं होगी तो इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों और पूरे राष्ट्र पर पड़ेगा। इसी कारण उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा है।





