
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 6 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी सोमेश यादव को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए दोषी को मृत्युदंड देने का आदेश दिया।
मामला 6 अप्रैल 2025 का है। बच्ची कन्या भोज कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान बच्ची का शव बरामद हुआ और मामले में उसके रिश्ते के चाचा सोमेश यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
करीब 17 महीने तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और 10 सितंबर को अपना फैसला सुनाया।
विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6(1) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत फांसी की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड और अन्य धाराओं में पांच वर्ष के कारावास की सजा भी निर्धारित की है।
फिलहाल दोषी सोमेश यादव केंद्रीय जेल दुर्ग में बंद है। हालांकि मृत्युदंड के क्रियान्वयन से पहले इस फैसले पर उच्च न्यायालय की पुष्टि होना आवश्यक है। हाईकोर्ट की मुहर लगने के बाद ही फांसी की सजा को अंतिम रूप से लागू किया जा सकेगा।
इस फैसले को बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है। अदालत के निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों के प्रति कड़ा संदेश भी देता है।

