गरियाबंद। ऑपरेशन निश्चय अभियान के तहत पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना इंदागांव पुलिस ने मंगलवार को अवैध गांजा तस्करी के आरोप में मध्य प्रदेश के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से कुल 10.663 किलोग्राम अवैध गांजा, दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त माल की कुल कीमत करीब 6 लाख 43 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई चल रही है। अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्रों और चेक पोस्टों पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग बढ़ाई गई है। इसी कड़ी में 9 सितंबर 2026 को थाना इंदागांव को मुखबीर से सूचना मिली कि दो बजाज अवेंजर मोटरसाइकिलों पर ओडिशा से इंदागांव की ओर अवैध गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुभाष दुकान के सामने नाकाबंदी कर दी।
रोके गए दोनों वाहनों के चालकों ने पूछताछ में अपना नाम कमलेश सिंह (32), पिता विष्णु सिंह और देवेन्द्र सिंह (21) बताया। दोनों मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बंगवार कॉलोनी, बिमहौरी, थाना धनपुरी बुडार के रहने वाले हैं। देवेन्द्र सिंह का स्थायी पता उसलापुर, थाना धनपुरी भी है। साथ में उनकी पत्नी पूनम सिंह (21) भी मौजूद थीं।
गवाहों के सामने तलाशी लेने पर दोनों मोटरसाइकिलों की सीट के नीचे से गांजा बरामद हुआ। एक वाहन से 5.423 किलोग्राम और दूसरे से 5.240 किलोग्राम, यानी कुल 10.663 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया। साथ ही दोनों बजाज अवेंजर मोटरसाइकिलें (नंबर CG 04 LQ 1115 और CG 10 AS 0588) तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। मोटरसाइकिलों की कीमत 50-50 हजार और मोबाइलों की 5-5 हजार रुपये आंकी गई। कुल मिलाकर जब्त सामग्री की कीमत 6,43,150 रुपये बताई गई है।
आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
- कमलेश सिंह, उम्र 32, निवासी बंगवार कॉलोनी, बिमहौरी, थाना धनपुरी बुडार, जिला शहडोल (म.प्र.)
- देवेन्द्र सिंह, उम्र 21, निवासी बंगवार कॉलोनी, बिमहौरी, थाना धनपुरी बुडार, जिला शहडोल (म.प्र.), स्थायी पता उसलापुर
- पूनम सिंह, पत्नी देवेन्द्र सिंह, उम्र 21, निवासी बंगवार कॉलोनी, बिमहौरी, थाना धनपुरी बुडार, जिला शहडोल (म.प्र.)
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लगातार सख्ती बरती जा रही है ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाया जा सके।

