गरियाबंद जिले की पत्रकारिता में अपने बेबाक और जनहितैषी अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले प्रतिभावान पत्रकार मनमोहन नेताम को छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार की मान्यता प्रदान की
गई है। इस अहम उपलब्धि पर जिले के पत्रकार जगत, शुभचिंतकों और आम नागरिकों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
जन सरोकार और बेबाक पत्रकारिता का सम्मान
मनमोहन नेताम लंबे समय से गरियाबंद और इसके आस-पास के क्षेत्रों में जमीनी स्तर की निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं।
तेज-तर्रार और निडर छवि: उन्हें उनकी निडर रिपोर्टिंग, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर आवाज और आम जनता की बुनियादी समस्याओं को शासन-प्रशासन के पटल तक मजबूती से रखने के लिए जाना जाता है।
वनांचल की आवाज: गरियाबंद जैसे आदिवासी बाहुल्य और वनांचल क्षेत्र की छिपी हुई खबरों और वहां के निवासियों के संघर्ष को मुख्यधारा की मीडिया में लाने का उनका प्रयास हमेशा सराहनीय रहा है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई यह अधिमान्यता उनके इसी समर्पण, सत्यनिष्ठा और निरंतर जनसेवा का शासकीय सम्मान है।
अधिमान्यता का महत्व और नई जिम्मेदारी

राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा अधिमान्यता (Accreditation) प्राप्त होना किसी भी पत्रकार के करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होता है।
इससे पत्रकार की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता पर सरकारी मुहर लगती है।
प्रशासनिक स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक सुगम हो जाता है, जिससे शासन की जनकारी और नीतियां आम जन तक और अधिक तेजी से पहुंचाई जा सकती हैं।
यह मान्यता पत्रकार को अधिक जिम्मेदारी के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करती है।
उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
एक पत्रकार के रूप में मनमोहन नेताम जी का अब तक का सफर अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार की सूची में शामिल होने पर उन्हें ढेर सारी बधाई।
उम्मीद है कि इस नई जिम्मेदारी और सरकारी मान्यता के साथ उनकी लेखनी की धार और अधिक प्रखर होगी। वे इसी तरह गरियाबंद जिले की बुलंद आवाज बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, अधिकार और सही सूचना पहुंचाने का अपना पुनीत कार्य जारी रखेंगे। मनमोहन जी को उनके इस नए और सशक्त सफर के लिए अनंत शुभकामनाएं!





