रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे होने पर आज 1 नवंबर से नवा रायपुर के तूता स्थित मेला मैदान में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आगाज होगा। 1 से 3 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों की झलक देखने को मिलेगी। समारोह में बॉलीवुड की मशहूर गायिका पलक मुच्छाल और गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, करीब 26 विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी मिलेगी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए 6 अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए हैं।
पलक मुच्छाल और अभिजीत भट्टाचार्य देंगे प्रस्तुति

राज्योत्सव में तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। पहले दिन 1 नवंबर को बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छाल अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। दूसरे दिन गायिका स्वास्ति मेहुल की प्रस्तुति होगी। वहीं, 3 नवंबर को समापन समारोह में बॉलीवुड गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपने लोकप्रिय गीतों से समां बांधेंगे। इनके साथ प्रदेश के स्थानीय कलाकार भी छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे।

26 विभागों के स्टॉल में दिखेगी विकास की तस्वीर
राज्योत्सव स्थल पर 26 विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें विभिन्न शासकीय योजनाओं, विभागीय उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, रोजगार, निवेश, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के लिए संचालित कार्यक्रमों से परिचित कराया जाएगा। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी-युवा उड़ान’ रखी गई है।
6 रास्तों से पहुंचेंगे लोग, पार्किंग की भी व्यवस्था
राज्योत्सव में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अलग-अलग जिलों और दिशाओं से आने वाले लोगों के लिए 6 मार्ग निर्धारित किए हैं। रायपुर शहर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और अन्य जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े करने के बाद लोग पैदल आयोजन स्थल तक पहुंच सकेंगे। यातायात पुलिस और प्रशासन की टीम व्यवस्था संभालेगी, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
3 नवंबर को होगा समापन और राज्य अलंकरण समारोह
तीन दिवसीय राज्योत्सव का समापन 3 नवंबर को होगा। इस दिन राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इस तरह राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रदेश की उपलब्धियों और प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा।


