गरियाबंद। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक कॉल और पेंशन संबंधी धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। छत्तीसगढ़ पुलिस के नागरिक पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए 1930 हेल्पलाइन भी उपलब्ध बताई गई है।
लघुफिल्म और पीपीटी के जरिए किया जागरूक
कार्यक्रम में मौजूद पेंशनभोगियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी लघुफिल्म, पीपीटी और वास्तविक मामलों के उदाहरणों के माध्यम से दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर उनकी जमा पूंजी और पेंशन राशि ठगने का प्रयास करते हैं।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से सावधान रहने की अपील
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने और जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की अपील की।
पेंशनर्स को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और किसी के कहने पर मोबाइल में अज्ञात ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में पीड़ित को घबराने या शर्मिंदा होने के बजाय तुरंत 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ पुलिस के आधिकारिक नागरिक पोर्टल पर भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की हेल्पलाइन के रूप में 1930 नंबर दर्ज है।
पुलिस ने बताया कि ठगी के बाद शुरुआती समय में शिकायत करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि त्वरित सूचना मिलने पर संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
बैंक अधिकारियों ने भी दी जानकारी
कार्यशाला में पुलिस टीम के साथ बैंक अधिकारियों की मौजूदगी रही। उन्होंने बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल करने और संदिग्ध फोन कॉल या संदेश मिलने पर सीधे संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में कुछ पेंशनभोगियों ने अपने साथ हुई ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के अनुभव भी साझा किए। इससे अन्य लोगों को साइबर अपराध के तरीकों को समझने और सतर्क रहने में मदद मिली।
पुलिस की पहल की सराहना
कार्यक्रम के अंत में गरियाबंद पुलिस ने उपस्थित पेंशनर्स को साइबर जागरूकता का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने की अपील की। वरिष्ठ नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
गरियाबंद पुलिस की यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए नागरिक जागरूकता को लगातार जरूरी माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए 1930 और पुलिस, अग्निशमन व चिकित्सा सेवाओं के लिए 112 जैसी हेल्पलाइन भी सूचीबद्ध हैं।




