वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत ग्रामसभा ने पारित किया प्रस्ताव, एसडीएम से शीघ्र कार्रवाई की मांग
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तुहामेटा के आश्रित ग्राम कोनारी की ग्रामसभा ने वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम, 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन (Community Forest Resource – CFR) अधिकार प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रामसभा द्वारा तैयार दावा पत्र को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अध्यक्ष, अनुविभाग स्तरीय वन अधिकार समिति, मैनपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। वन अधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों के दावों की प्रक्रिया ग्रामसभा से शुरू होकर अनुविभागीय एवं जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से आगे बढ़ती है।
अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 तथा संशोधित नियमों के तहत ग्रामसभा कोनारी ने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के लिए दावा पत्र तैयार किया। इस प्रस्ताव को 24 जून 2026 को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में सर्वसम्मति से पारित एवं अनुमोदित किया गया। इसके बाद संबंधित अभिलेखों सहित मूल दावा पत्र आगे की कार्रवाई के लिए अनुविभाग स्तरीय वन अधिकार समिति को सौंप दिया गया।
पत्र में बताया गया है कि दावा पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, ताकि नियमानुसार जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार का दावा आगे बढ़ाया जा सके।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत ग्रामसभा को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों के दावों की प्रक्रिया शुरू करने, उनका सत्यापन करने तथा संबंधित समितियों को अनुशंसा भेजने का अधिकार प्राप्त है। इस कानून का उद्देश्य वन क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य परंपरागत वनवासियों के वैधानिक अधिकारों को मान्यता देना और उनके पारंपरिक वन संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को सुनिश्चित करना है।





