मुख्यमंत्री ने 86 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जबकि 516 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
बिजली, पेयजल और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लाखों उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है तथा लगभग 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर लोगों को बिजली खर्च से राहत प्रदान की जा रही है।
किसानों के हित में उन्होंने कहा कि कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे ऋण, खाद और बीज जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो यूरिया के उपयोग को अपनाने की अपील भी की।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान की पहल
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, आवास और महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 जून से प्रदेशभर में नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से विद्यालयों से बाहर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक लगभग 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 19 लाख 70 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।
महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
किन विभागों के कार्यों का हुआ भूमिपूजन
भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के 13 कार्यों पर 368 करोड़ रुपये से अधिक, जल संसाधन विभाग के 9 कार्यों पर 53 करोड़ रुपये से अधिक, सेतु निर्माण विभाग के 4 कार्यों पर 30 करोड़ रुपये से अधिक तथा स्वास्थ्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और विद्युत वितरण कंपनी के कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
विकसित गरियाबंद की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शुरू हुए विकास कार्य जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देंगे। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से विकसित गरियाबंद, विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।





