पुलिस की प्रभावी पैरवी से कोर्ट का कड़ा फैसला, जुर्माना नहीं भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त सश्रम कारावास
गरियाबंद। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच गरियाबंद जिले के राजिम से बड़ी खबर सामने आई है। थाना राजिम में दर्ज NDPS एक्ट के मामले में न्यायालय ने दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों आरोपियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। मामले की पुष्टि हालिया प्रकाशित रिपोर्टों में भी हुई है।
मामला थाना राजिम के अपराध क्रमांक 399/2024 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, धारा 20(ख) NDPS एक्ट के तहत दर्ज इस प्रकरण में अवैध गांजा का परिवहन करते हुए दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
दोनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा
न्यायालय से सजा पाने वाले आरोपियों की पहचान देवराज पुटेल (44), पिता जोगेश्वर पुटेल और शेखर पुटेल (22), पिता परमा पटेल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ओडिशा के बलांगीर जिले के लतोर थाना क्षेत्र के हरिशंकर रोड निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक मामले में कार्रवाई के बाद समय पर न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस की पैरवी का असर, तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश
इस मामले में राजिम पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी को सजा तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गरियाबंद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई के लिए थाना राजिम की टीम और पैरवी सेल की सराहना की है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और नशामुक्त समाज की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा।
NDPS मामले में अधिकतम कठोर सजा का प्रावधान
NDPS Act की धारा 20 के तहत वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े गांजा मामलों में कानून 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान करता है।
इस मामले में न्यायालय द्वारा सुनाई गई 20 वर्ष की सजा तस्करी से जुड़े आरोपियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।


