पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों, शिक्षकों और शाला समिति के सदस्यों को बताए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी
मैनपुर। साइबर अपराधों से बचाव और लोगों को ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा बोरगांव झरियाबाहरा हाई स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों, शिक्षकों और शाला समिति के सदस्यों को साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करन उइके के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। मैनपुर एसडीओपी गोपाल वैश्य के नेतृत्व में थाना प्रभारी मैनपुर डोमेन्द्र सिन्हा, चौकी प्रभारी बिंद्रानवागढ़ गुनेश्वरी नरेटी सहित पुलिस स्टाफ स्कूल पहुंचा।
अज्ञात लिंक और APK डाउनलोड नहीं करने की दी समझाइश
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों और स्कूल स्टाफ को बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। मोबाइल पर आने वाले अज्ञात लिंक, संदिग्ध मैसेज या APK फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध एप्लीकेशन इंस्टॉल करने से बैंक खाते और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
पुलिस ने लोगों को यह भी समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और मोबाइल में आने वाले संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें।
लुभावने ऑफर और धमकी भरे कॉल से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने लुभावने फोन कॉल, इनाम या अन्य लालच देने वाले ऑफर तथा डराने-धमकाने वाले कॉल से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग कई बार खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या अन्य विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से पैसे की मांग करते हैं।
ऐसे किसी भी फोन कॉल पर घबराकर पैसे ट्रांसफर नहीं करने और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।
1930 पर करें साइबर ठगी की शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने की जानकारी दी। इसके साथ ही लोगों को सोशल मीडिया एप का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने, अनजान लोगों से निजी जानकारी साझा नहीं करने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
छत्तीसगढ़ पुलिस भी साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है और 1930 को साइबर ठगी की शिकायत के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने साइबर ठगी से बचाव संबंधी जानकारियां प्राप्त कीं।


