128 गांवों के पारा-टोला से ग्रामीण ग्राम कोकड़ी में जुटे, देवझर-अमली और जुगाड़ में जाकर ग्रामीणों से संवाद का निर्णय
मैनपुर। उदंती-सीतानदी क्षेत्र एवं राजा पड़ाव इलाके के ग्रामीणों की एक बड़ी बैठक गुरुवार को ग्राम कोकड़ी में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र के करीब 128 गांवों के पारा-टोला से लगभग 5 हजार ग्रामीणों के शामिल होने का दावा किया गया। इस दौरान क्षेत्र के विकास, वन एवं भूमि से जुड़े मुद्दों, ग्रामीणों के हक-अधिकार और संभावित विस्थापन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की लंबे समय से जरूरत बनी हुई है। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास के साथ यहां निवास करने वाले ग्रामीणों के अधिकार, जमीन, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में विस्थापन के मुद्दे को लेकर विशेष रूप से रणनीति पर चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन गांवों में विस्थापन को लेकर सहमति या चर्चा की स्थिति बनी है, वहां जाकर ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया जाएगा। इसके तहत देवझर-अमली और जुगाड़ सहित संबंधित गांवों में पहुंचकर लोगों की राय, सहमति, शर्तों और अपेक्षाओं को समझने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह बात भी सामने आई कि विस्थापन से जुड़े किसी भी निर्णय में ग्रामीणों की बात सुनी जाए तथा प्रक्रिया कानून और निर्धारित नियमों के अनुरूप आगे बढ़े। ग्रामीणों ने उचित पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही। इसके अलावा बैठक में आने वाले दिनों में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं, विकास की मांगों, ग्रामीणों के हक-अधिकार और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपने पर सहमति बनी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र का विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी से क्षेत्र के मुद्दों को लेकर सामूहिक भागीदारी दिखाई दी। अब ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल की प्रशासन से प्रस्तावित मुलाकात और ज्ञापन के बाद इन मांगों तथा विस्थापन से जुड़े विषयों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर रहेगी।

