गरियाबंद । ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गरियाबंद जिले में एक सराहनीय पहल की जा रही है। रूरल सेल्फ इंप्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरसेटी) गरियाबंद एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत सढ़ौली में 14 दिवसीय आर्टिफिशियल ज्वैलरी मेकिंग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में 35 से अधिक महिलाएं एवं बालिकाएं हिस्सा लेकर स्वरोजगार के नए अवसरों की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल कौशल प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाना भी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल ज्वैलरी निर्माण के साथ-साथ व्यवसाय संचालन और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जा रही हैं।
सिद्धांत और प्रायोगिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर
14 दिनों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले 10 दिनों तक प्रतिभागियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं अंतिम 4 दिनों में उनके द्वारा सीखे गए कौशल का मूल्यांकन किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार की आकर्षक आर्टिफिशियल ज्वैलरी और सजावटी सामग्री तैयार करना सिखाया जा रहा है। इनमें झुमके, टॉप्स, बाली, ब्रेसलेट, मांगटीका, गले के सेट, मोतियों के हार, टियारा, हेयर क्लिप, झूमर, तोरण, चूड़ियां, करवाचौथ की सजावटी थाली और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं।
डिजिटल मार्केटिंग और उद्यमिता की भी मिल रही जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह है कि प्रतिभागियों को केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत व्यवसाय शुरू करने और उसे सफल बनाने की भी जानकारी दी जा रही है।
महिलाओं को मार्केटिंग प्रबंधन, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी योजनाओं का लाभ, ऑनलाइन व्यापार, डिजिटल मार्केटिंग और ग्राहक प्रबंधन जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी बेच सकेंगी।
खेल-खेल में सीख रहीं प्रबंधन और नेतृत्व कौशल
प्रशिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न खेल आधारित गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। रिंग टॉस गेम, सामूहिक टॉवर निर्माण और नाव गतिविधि जैसे अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को समय प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने के गुर सिखाए जा रहे हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं न केवल व्यावसायिक कौशल सीख रही हैं, बल्कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए भी खुद को तैयार कर रही हैं।
प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं प्रतिभागी योगिता शांडिल्य ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें नया कौशल और आत्मविश्वास दोनों प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल ज्वैलरी निर्माण की बारीकियों को सीखने के साथ-साथ व्यवसाय शुरू करने, उत्पादों की मार्केटिंग करने और डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचने की जानकारी भी मिली है।
उन्होंने बताया कि अब वे भविष्य में स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिला प्रशासन और आरसेटी द्वारा संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हैं, बल्कि उन्हें समाज में आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
सढ़ौली में चल रहा यह प्रशिक्षण शिविर ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने और उन्हें आत्मनिर्भर भारत की मजबूत भागीदार बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर उभर रहा है।





