बाल श्रम के काले कारोबार का खुलासा, गंभीर हालत में बच्चों को अंबिकापुर किया गया रेफर
बलरामपुर जिले से बाल श्रम का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलापुर स्थित एक लाल ईंट भट्ठे पर नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ईंटों से भरा ट्रैक्टर पलटने से तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार रितेश (पिता- राधवा), रुस्तम (पिता- लल्लू) और अभिनंदन (पिता- बुधवा) नाम के तीनों बच्चे महज 11 से 12 वर्ष की उम्र के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन मासूम बच्चों से ईंट भट्ठे पर भारी और जोखिम भरा काम कराया जा रहा था। बच्चे ट्रैक्टर में ईंटों की ढुलाई कर रहे थे, तभी रास्ते में नाली पार करते समय ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में तीनों बच्चे ट्रैक्टर के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकालकर कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इस घटना ने इलाके में धड़ल्ले से चल रहे बाल श्रम के काले कारोबार की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है कि आखिर इतने छोटे बच्चों से ईंट भट्ठों पर मजदूरी क्यों कराई जा रही थी। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई जगहों पर खुलेआम बाल मजदूरी कराई जाती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा रहता है।
भारत में बाल श्रम को रोकने के लिए कानून बनाए गए हैं और खतरनाक उद्योगों में बच्चों से काम कराना प्रतिबंधित है। देश में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने ईंट भट्ठा संचालक और ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस द्वारा किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज किए जाने या गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।



