सड़क बनी पर पुल बनाना भूले, संकट में ग्रामीणों की जिंदगी
मैनपुर। आजादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी गरियाबंद जिले के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। मैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत घटौद के आश्रित ग्राम कामेपुर में करीब 500 से अधिक कमार एवं आदिवासी परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सड़क निर्माण होने के बावजूद कोदोकछार नदी पर पुलिया नहीं बनने से ग्रामीणों को हर साल बारिश के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क बनी, लेकिन पुलिया नहीं

ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पक्की सड़क का निर्माण किया गया। हालांकि, सड़क मार्ग के बीच स्थित कोदोकछार नदी पर पुल-पुलिया का निर्माण नहीं किया गया। परिणामस्वरूप बारिश के दौरान नदी उफान पर होने से गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के समय उन्हें ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल या जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। कई बार गंभीर बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
राशन लेने के लिए तय करना पड़ता है 5 किलोमीटर का सफर
पुलिया नहीं होने का असर ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है। कामेपुर और भैसामुड़ा के ग्रामीणों को हर महीने सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर ग्राम घटौद स्थित उचित मूल्य दुकान तक पहुंचना पड़ता है।
बरसात के मौसम में नदी में पानी भर जाने से यह सफर और भी कठिन हो जाता है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को राशन लाने के लिए जोखिम भरा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कई बार लगाए आवेदन, फिर भी नहीं मिली स्वीकृति
ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कलेक्ट्रेट से लेकर शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार शिविरों तक कई बार आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक पुलिया निर्माण के लिए कोई ठोस पहल या विभागीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार मांग और आवेदन के बाद भी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों में निराशा बढ़ रही है।
सरपंच प्रतिनिधि ने उठाई जल्द निर्माण की मांग
ग्राम पंचायत घटौद के सरपंच प्रतिनिधि दिनेश नेताम ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन के समक्ष आवेदन दिया जा चुका है।
“हम ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर कई बार कलेक्टर महोदय और सुशासन तिहार में आवेदन दे चुके हैं। पुल न होने से ग्रामीणों को राशन लाने और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।”
वर्षों से विकास की राह देख रहा कामेपुर
अति पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय की बड़ी आबादी वाले कामेपुर गांव में पुलिया निर्माण आज भी एक अधूरा सपना बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनकी समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देगा, जिससे वर्षों पुरानी यह समस्या समाप्त हो सकेगी।

