गरियाबंद पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जिले में बाहर से आने वाले मुसाफिरों, श्रमिकों तथा संदिग्ध व्यक्तियों का विस्तृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस जानकारी को आधुनिक ऑनलाइन प्रणालियों में अपलोड कर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य जिले में आने वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करना है। डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित व्यक्ति किसी अन्य राज्य या जिले में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं। इसके लिए पुलिस देशभर के विभिन्न थानों और सुरक्षा एजेंसियों के डेटा नेटवर्क से समन्वय स्थापित कर रही है।
गरियाबंद पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों की प्रोफाइल, गतिविधियों और उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड को ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इससे अपराधियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज होगी।
अभियान के तहत जिले के मकान मालिकों, होटल एवं लॉज संचालकों, व्यापारियों तथा ठेकेदारों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें अपने यहां किसी भी बाहरी किरायेदार, मुसाफिर या श्रमिक को रखने से पहले संबंधित थाना में उसकी जानकारी देना अनिवार्य बताया गया है। साथ ही नागरिकों को छत्तीसगढ़ पुलिस के सिटीजन सर्विस पोर्टल के माध्यम से किरायेदारों और घरेलू सहायकों का ऑनलाइन पुलिस सत्यापन कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना, चोरी, धोखाधड़ी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। साथ ही बाहरी अपराधियों को जिले में छिपने या अपराध करने का अवसर न मिले, यह सुनिश्चित करना भी अभियान की प्राथमिकता है।
गरियाबंद पुलिस की यह हाईटेक पहल जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी के माध्यम से पुलिस अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए आम नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।





