गरियाबंद । शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित “स्कूल चलो अभियान” के तहत
आकांक्षी विकासखंड गरियाबंद के ग्राम सढ़ौली में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने गांव की गलियों में निकलकर शिक्षा का संदेश दिया और अभिभावकों से बच्चों का नियमित रूप से विद्यालय में नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।
यह कार्यक्रम नीति आयोग के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग, समर्पित (एक्सेस टू जस्टिस), एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन तथा आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के संयुक्त सहयोग से सामुदायिक भागीदारी के साथ रैली निकाली गई।
शिक्षा की अलख जगाने निकले छात्र-छात्राएं
रैली का शुभारंभ शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, ग्राम सढ़ौली से किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राएं हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर गांव के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों से गुजरे। इस दौरान बच्चों ने ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व, नियमित विद्यालय उपस्थिति तथा शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
रैली में शामिल विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लोगों को बताया कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव है। बच्चों की सहभागिता ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
शासकीय विद्यालयों की सुविधाओं की दी जानकारी
रैली के माध्यम से ग्रामीणों को शासन द्वारा शासकीय विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों का समय पर विद्यालय में प्रवेश कराएं और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।
100 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य
आकांक्षी विकासखंड गरियाबंद में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत नामांकन तथा शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को लेकर गांव-गांव में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके।
सामुदायिक सहभागिता बनी अभियान की ताकत
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, नीति आयोग के आकांक्षी फेलो, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट, समर्पित (एक्सेस टू जस्टिस) की टीम तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत आयोजित ऐसी जागरूकता गतिविधियां न केवल बच्चों को विद्यालय से जोड़ने में मददगार साबित हो रही हैं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण भी तैयार कर रही हैं। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





