गरियाबंद। उदन्ती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इंदागांव (ध्रुवागुड़ी) परिक्षेत्र में पदस्थ एक वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) पर शासकीय पद और वर्दी के नशे में चूर होकर बीच सड़क पर उत्पात मचाने का गंभीर आरोप लगा है। शनिवार देर रात हुई इस घटना में रेंजर ने न केवल एक यात्री बस को बीच रास्ते में रुकवाया, बल्कि महिलाओं और बच्चों के सामने बस चालक के साथ अभद्र और अश्लील गाली-गलौज भी की। विवाद बढ़ने पर जब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो अधिकारी ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर थाना इंदागांव में मामला दर्ज कर लिया गया है।
मामूली बात पर अड़ा दी कार, आधी रात को सहम गए यात्री
11 जुलाई 2026 की शाम लगभग 6 बजे रायपुर से देवभोग के लिए रवाना हुई मां शारदा ट्रेवल्स की बस (क्रमांक CG-23-F-5740) जब रात करीब 11:40 बजे ध्रुवागुड़ी चेक पोस्ट के पास पहुंची, तभी यह पूरा घटनाक्रम हुआ।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130C) का मार्ग संकरा होने और लगातार बारिश के कारण सड़क के किनारे भारी कीचड़ था। बस चालक ने पीछे से आ रही रेंजर की कार को सुरक्षित आगे निकलने देने के लिए हाथ से संकेत करते हुए चेक पोस्ट के पास साइड दी थी। लेकिन कार को आगे निकालने में हुई थोड़ी सी देरी से नाराज होकर परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) सुशील कुमार सागर ने अपनी कार बस के आगे आड़ी लगाकर रास्ता रोक दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों / बस चालक के मुताबिक, रेंजर कार से उतरे और अत्यधिक नशे की हालत में बस चालक को बस से नीचे उतारने की जिद करने लगे। इस दौरान उन्होंने चालक के साथ मां-बहन की अत्यंत भद्दी और अश्लील गालियां देना शुरू कर दिया। बस में देर रात सफर कर रहीं महिला यात्री, मासूम बच्चे और बुजुर्ग इस औचक हंगामे और गाली-गलौज से सहम गए।
पुलिसकर्मियों से भी की धक्का-मुक्की
चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस जवानों ने जब स्थिति को बिगड़ते देखा, तो उन्होंने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। परंतु, रेंजर का गुस्सा पुलिस पर भी फूट पड़ा। आरोप है कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ भी बेहद अभद्र व्यवहार किया, जिससे मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई।
इसके बाद पुलिस बल दोनों पक्षों को शांत कराकर थाना इंदागांव लेकर गया, जहां बस चालक की लिखित शिकायत पर रेंजर के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया। रात में ही संबंधित वन अधिकारी को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देवभोग ले जाया गया, ताकि उनके नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि हो सके।
ढाई घंटे तक सड़क पर परेशान होते रहे यात्री
रेंजर के इस कथित अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण बस में सवार दर्जनों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रात करीब 11:40 बजे शुरू हुआ यह विवाद देर रात 2:30 बजे तक खिंचा, जिसके चलते यात्री बीच जंगल वाले मार्ग पर फंसे रहे। यात्रियों ने इस घटना पर तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार लोक सेवक से ऐसे आचरण की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती।
वीडियो फुटेज आ सकता है सामने
शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम और विवाद का एक स्पष्ट वीडियो फुटेज भी उनके पास मौजूद है, जिसमें रेंजर का कथित अमर्यादित व्यवहार और पुलिस के साथ की गई धक्का-मुक्की रिकॉर्ड हुई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि यह साक्ष्य जांच में शामिल होता है, तो यह मामले की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
यह मामला अब जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों के लिए साख का विषय बन गया है। यदि मेडिकल रिपोर्ट और विभागीय जांच में रेंजर पर लगे आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई (जैसे निलंबन) होना तय माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। इस संबंध में आरोपी अधिकारी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका है। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
” मामला हमारे सज्ञान में है , संबधित अधिकारी को विभाग के द्वारा की ओर से कारण नोटिस जारी की गई है ! वीडियो की सत्यता और घटनाओ की सभी पहलुओं की बारीक़ जांच की जा रही ! जांच रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कार्यवाही जी जाएगी ! ” वरुण जैन डिप्टी डायरेकटर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व







