इंजेक्शन और दवा देने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत, पोस्टमार्टम के बावजूद कथित डॉक्टर घर पर मरीजों का इलाज जारी रखे हुए
जबलपुर। क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद चौथी कक्षा के एक छात्र की मौत का मामला सामने आया है। मृतक छात्र की पहचान गजेंद्र मरकाम (निवासी लूद बिठली) के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसकी मां सुस्वन्ति मरकाम उसे इलाज के लिए दलदला के कथित डॉक्टर एस.पी. कटरे के पास लेकर गई थीं। डॉक्टर ने बच्चे को दो इंजेक्शन लगाए और कुछ दवाइयां दीं। परिजनों का आरोप है कि दवाइयां देने के बाद कुछ समय के लिए बुखार उतर गया, लेकिन इसके बाद बच्चे को घबराहट होने लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब डॉक्टर एस.पी. कटरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
कार्रवाई की तैयारी के बावजूद इलाज जारी
मामले का एक और गंभीर पहलू यह सामने आया है कि प्रशासन द्वारा कार्रवाई की तैयारी किए जाने के बावजूद कथित डॉक्टर एस.पी. कटरे अपने घर और क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मौके पर मरीजों की भीड़ दिखाई देने की बात सामने आई है।
प्रशासन और पुलिस द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है।

