छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आरक्षित वन क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीवों के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिरगुड़ी परिक्षेत्र के खैरभरी बीट स्थित आरक्षित वन में तीन धामन सांप और एक गोह (मॉनिटर लिजार्ड) का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शिकार किए गए वन्यजीवों का मांस पकाकर उसका सेवन भी किया था।
जंगल में किया शिकार, घर ले जाकर पकाया मांस

वन विभाग के अनुसार, यह घटना 4 जुलाई की है। कांकेर जिले के नरहरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम भनसुली निवासी विनोद कुमार टेकाम, घसिया, प्रदीप नेताम, शैलेन्द्र कुमार यादव और शिवानंद मरकाम पर आरोप है कि उन्होंने आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-433 में तीन धामन सांप और एक गोह का शिकार किया। इसके बाद सभी वन्यजीवों को विनोद टेकाम के घर ले जाया गया, जहां उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर सब्जी बनाई गई और सामूहिक रूप से उसका सेवन किया गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव के निर्देश पर धमतरी वनमंडल, कांकेर वनमंडल, उड़नदस्ता और एंटी-पोचिंग टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। ग्राम भनसुली में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जांच तेज हुई और कार्रवाई को गति मिली।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धाराओं 2(20), 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 16920/01 (07 जुलाई 2026) दर्ज किया। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, नगरी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शिकार पर सख्त सजा का प्रावधान
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचीबद्ध वन्यजीवों के शिकार को कानून गंभीर अपराध मानता है। ऐसे मामलों में तीन से सात वर्ष तक के कारावास के साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि वन्यजीव केवल जंगलों की जैव विविधता का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए आवश्यक हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के शिकार, तस्करी या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा की जा सके।





