नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए थी और इसके लिए सरकार तथा संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी बनती है। हालांकि उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों की चिंता और तनाव का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप भी लगाया।
एक साक्षात्कार में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समाधान पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में हुई चूक दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
NEET पेपर लीक पर सरकार ने स्वीकार की जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्री ने माना कि परीक्षा प्रक्रिया में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग, जिन पर परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता की जिम्मेदारी थी, उन्होंने अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। इसी कारण लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना है। इसके लिए व्यापक सुधारों पर काम किया जा रहा है।
अगले वर्ष से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा
पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने छात्रों की चिंता और असुरक्षा की भावना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर सवाल उठाना उचित है, लेकिन इससे जुड़े मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं राहुल गांधी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।
CBI जांच और बड़े सुधारों की तैयारी
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है। कई राज्यों में कार्रवाई की गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा माफिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में भी बड़े सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छात्रों का भरोसा लौटाना सबसे बड़ी चुनौती
देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस मामले को लेकर चिंतित हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधारों के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी होगी। सरकार द्वारा घोषित सुधारों से छात्रों का विश्वास दोबारा स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिम्मेदारी स्वीकार की है और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों का संकेत दिया है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से सुधार लागू किए जाते हैं।




