मैनपुर। विकासखंड मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत इंदागांव के आश्रित आदिवासी वनांचल ग्राम अमली के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को अपने हिस्से का राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले चावल एवं अन्य खाद्यान्न सामग्री प्राप्त करने के लिए दूर स्थित राशन दुकान तक जाना पड़ता है। गांव से राशन केंद्र की दूरी अधिक होने के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग हितग्राही सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां आवागमन की सुविधाएं पहले से ही सीमित हैं। कई स्थानों पर सड़क और परिवहन व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में राशन लेने के लिए 10 किलोमीटर का सफर तय करना ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक बोझ बन गया है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार खराब मौसम, बारिश और परिवहन साधनों की कमी के कारण हितग्राही समय पर राशन लेने नहीं पहुंच पाते। इससे उन्हें अपने अधिकार के खाद्यान्न के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं खाद्य विभाग से मांग की है कि ग्राम अमली के निवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राशन वितरण व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाया जाए। ग्रामीणों का सुझाव है कि गांव के नजदीक राशन वितरण केंद्र संचालित किया जाए अथवा ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए जिससे लोगों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
खाद्यान्न प्रत्येक पात्र हितग्राही का अधिकार है और इसे प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस जायज मांग पर कितना गंभीरता से विचार करता है और वनांचल क्षेत्र के लोगों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।





