महासमुंद के पूर्व विधायक ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना, झारसुगुड़ा में रेल परिचालन प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव और महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने ट्रेनों के रद्द होने और रेल परिचालन प्रभावित होने को लेकर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे से घबराकर सरकार आम जनता को परेशान कर रही है। हालांकि, सरकार द्वारा ट्रेनें रद्द करने और राजनीतिक विरोध को दबाने के बीच संबंध होने का उनका आरोप एक राजनीतिक दावा है।
झारसुगुड़ा में काम के चलते 50 से अधिक ट्रेनों पर असर
विनोद चंद्राकर ने कहा कि वैवाहिक सीजन के दौरान झारसुगुड़ा में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 50 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन अलग-अलग तारीखों पर प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इससे उन यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्होंने पहले से शादी समारोहों और अन्य जरूरी कामों के लिए टिकट बुक कराए हैं।
प्रभावित ट्रेनों में हावड़ा-पुणे दुरंतो, पुणे-हावड़ा दुरंतो, टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी, इतवारी-टाटानगर, सूरत-मालदा टाउन, कामाख्या-एलटीटी, दुर्ग-हटिया, हटिया-दुर्ग, बिलासपुर-बक्सर, पोरबंदर-सांतरागाछी और हावड़ा-अहमदाबाद सहित कई रेल सेवाएं शामिल हैं। कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव और कुछ के निर्धारित गंतव्य से पहले संचालन समाप्त किए जाने की भी जानकारी है।
चंद्राकर के मुताबिक, इन बदलावों का असर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों तथा कारोबारियों पर पड़ सकता है।
नौ महीने में 840 ट्रेनें रद्द होने का दावा
पूर्व विधायक ने बिलासपुर रेल मंडल से जुड़ी ट्रेन सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 840 ट्रेनें रद्द की गईं और 46 मेमू ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया। उनके अनुसार, रद्द ट्रेनों में 362 एक्सप्रेस, 318 मेमू और 160 पैसेंजर ट्रेनें शामिल थीं। अप्रैल में सबसे ज्यादा 234 ट्रेनें रद्द होने की बात भी उन्होंने कही।
अक्टूबर में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में भी जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान 840 ट्रेनों के रद्द होने और 46 मेमू सेवाओं के बीच रास्ते समाप्त किए जाने का उल्लेख है। इन रिपोर्टों के अनुसार, रेल लाइन निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचा कार्यों के कारण यात्री सेवाएं प्रभावित हुईं। <Cite refs={[“turn496899search1″,”turn496899search3”]}/>
चंद्राकर ने कहा कि लगातार ट्रेनें रद्द होने और मार्ग बदलने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ती है। उन्होंने रेलवे से यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की।
त्योहारों के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की मांग
चंद्राकर ने कहा कि दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह राज्यों की यात्रा करते हैं। ऐसे समय में नियमित ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल ट्रेनों की घोषणा में देरी से यात्रियों पर दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने रेल मंत्रालय से मांग की कि प्रभावित ट्रेनों के परिचालन में बदलाव के कारण स्पष्ट किए जाएं, यात्रियों को समय पर सूचना दी जाए और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाए।
रेल मंत्रालय से तत्काल समाधान की मांग
विनोद चंद्राकर ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहा ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान लोकतंत्र और जनता के अधिकारों से जुड़ा आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस अभियान से जुड़े विरोध के बीच आम जनता को परेशानी में डाल रही है।
उन्होंने रेल मंत्रालय से रेल परिचालन प्रभावित होने के कारणों पर स्पष्ट जानकारी देने और यात्रियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। साथ ही कहा कि विकास कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा और वैकल्पिक व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।



