रावण के दस सिरों को दस सामाजिक बुराइयों का प्रतीक बताकर विद्यार्थियों को दिया सकारात्मक बदलाव का संदेश
मैनपुर। विकासखंड मैनपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोना में शनिवार को बैगलेस डे के अवसर पर दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दशहरा पर्व के सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराने के साथ समाज में व्याप्त बुराइयों के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों ने रावण के दस सिरों को दस सामाजिक बुराइयों का प्रतीक मानते हुए अच्छे आचरण और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।
दस सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की दी सीख
विद्यालय के शिक्षक पेश्वर यादव ने विद्यार्थियों को बताया कि रावण के दस सिर आज के समाज में मौजूद बुराइयों पर विचार करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार, अशिक्षा, नशाखोरी, अंधविश्वास, महिला अत्याचार, जातिवाद, पर्यावरण प्रदूषण, साइबर अपराध, लालच एवं स्वार्थ तथा हिंसा एवं द्वेष जैसी सामाजिक समस्याओं की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को इन बुराइयों से दूर रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
अच्छाइयों को अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में बताया गया कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि बुराइयों को त्यागकर अच्छाइयों को अपनाने का संदेश भी देता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में ईमानदारी, शिक्षा, सदाचार, समानता और मानवता को महत्व दे, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षा का प्रसार करने, नशे से दूर रहने, पर्यावरण की रक्षा करने, महिलाओं का सम्मान करने तथा समाज में प्रेम, समानता और भाईचारे का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संस्था के प्रधान पाठक सूरज प्रसाद पात्र, शिक्षक पेश्वर यादव, आलोक शर्मा, राकेश और रोहित नेताम उपस्थित रहे।




