मुख्यमंत्री को भेजे गए आवेदन पर उच्च शिक्षा संचालनालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिली नई उम्मीद
मैनपुर।मैनपुर विकासखंड की तहसील अमलीपदर में नवीन शासकीय महाविद्यालय की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री एवं झाकरपारा मंडल प्रभारी डॉ. मनीष सिन्हा द्वारा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सौंपे गए आवेदन के बाद शासन स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से आवेदन प्राप्त होने के बाद उच्च शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन ने संबंधित महाविद्यालय से प्रस्तावित स्थल का परीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इससे अमलीपदर में नवीन शासकीय महाविद्यालय की स्थापना की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना के लिए प्रस्तावित स्थल का परीक्षण और विस्तृत प्रतिवेदन प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
डॉ. मनीष सिन्हा ने कहा कि अमलीपदर सहित आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मैनपुर, गरियाबंद, रायपुर अथवा अन्य दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि यदि अमलीपदर में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना होती है तो क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण एवं आदिवासी छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ेगा और छात्राओं की पढ़ाई बीच में छूटने की समस्या में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री और शासन के प्रति जताया आभार
डॉ. मनीष सिन्हा ने इस विषय पर सकारात्मक पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र की जनभावनाओं और विद्यार्थियों की आवश्यकता को देखते हुए अमलीपदर को शीघ्र ही नवीन शासकीय महाविद्यालय की सौगात मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। यदि अमलीपदर में महाविद्यालय की स्थापना होती है तो इससे केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
क्षेत्रवासियों में बढ़ी उम्मीद
शासन स्तर पर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद अमलीपदर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह मांग अब जल्द पूरी होगी और क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।





