गरियाबंद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में श्रम विभाग की मिनी माता महतारी जतन योजना ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया है।
गरियाबंद जिले की हितग्राही कविता ध्रुव को इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। सहायता राशि प्राप्त होने पर कविता ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों के लालन-पालन, देखभाल तथा उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करेंगी।
कविता ध्रुव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। मातृत्व के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को राहत मिलती है और नवजात शिशुओं के बेहतर पालन-पोषण में मदद मिलती है।
उन्होंने अन्य पात्र महिलाओं और श्रमिक परिवारों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
योजना का लाभ किसे मिलता है?
मिनी माता महतारी जतन योजना का लाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिला अथवा पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पत्नी को दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए हितग्राही का श्रम विभाग में पंजीकृत होना आवश्यक है।
बच्चे के जन्म के बाद निर्धारित आवेदन पत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र, श्रमिक पंजीयन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित श्रम कार्यालय, जनपद पंचायत या श्रम सुविधा केंद्र में जमा किए जा सकते हैं। पात्रता की जांच के बाद स्वीकृत सहायता राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कविता ध्रुव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर रही हैं।





