तीज पर्व की खुशियों के बीच गांव में पसरा मातम
राधे पटेल / गरियाबंद गुण्डरदेही । तीज पर्व के बीच बालोद जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झोपरा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव में पानी से भरे घुरवा (कम्पोस्ट पिट) में गिरने से ढाई वर्षीय मासूम रुद्राक्ष नेटी की डूबकर मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
खेलते-खेलते गड्ढे में गिरा मासूम
जानकारी के अनुसार रुद्राक्ष नेटी अपने घर के आंगन के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह घर से कुछ दूरी पर स्थित घुरवा के गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया। गड्ढे में बरसात का पानी भरा हुआ था। अचानक संतुलन बिगड़ने से मासूम उसमें गिर गया और बाहर नहीं निकल सका। जब तक परिजनों को घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक बच्चे के परिजनों ने गांव के एक ग्रामीण पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संबंधित व्यक्ति ने घरों के समीप गहरा गड्ढा खोद रखा था, लेकिन उसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेराव या बाड़ नहीं लगाई गई थी।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार गड्ढे को ढंकने अथवा उसके चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में खुले और असुरक्षित गड्ढे छोटे बच्चों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रनचिरई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियों और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित कम्पोस्ट गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे गड्ढों के आसपास सुरक्षा घेराव और चेतावनी संकेत अनिवार्य किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



