राधे पटेल / गरियाबंदमैनपुर | जिले के राजापड़ाव क्षेत्र में सोशल मीडिया पर आरक्षण और आरक्षित वर्गों के खिलाफ की गई एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भारी आक्रोश है। सोमवार को अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज के नागरिकों ने लामबंद होकर शोभा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। समाज के लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज करने की अपील की है।
फेसबुक पर की गई अपमानजनक टिप्पणी
थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘Dr Anil Dwivedi’ नामक प्रोफाइल से एक सार्वजनिक पोस्ट साझा की गई थी। इस पोस्ट में आरक्षण व्यवस्था और आरक्षित वर्गों के संबंध में अत्यंत अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया है।
शिकायतकर्ताओं द्वारा पुलिस को सौंपे गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट में लिखा गया था— “शिक्षा शेरनी का दूध है लेकिन… आरक्षण कुतिया का वो दूध है जिसे पीकर 33% वाला 90% वाले पर भौंकता है !”

नागरिकों का कहना है कि इस अशोभनीय भाषा से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के करोड़ों नागरिकों की गरिमा और सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
संवैधानिक अधिकारों का उड़ाया गया उपहास
समाज के नागरिकों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। आरक्षण कोई दया या कृपा नहीं है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त एक वैधानिक व्यवस्था है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसी सार्वजनिक टिप्पणियां समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव, वैमनस्य और अशांति उत्पन्न कर सकती हैं तथा क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द को पूरी तरह बिगाड़ सकती हैं।
एफआईआर और साइबर जांच की प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है:
साइबर जांच: उक्त फेसबुक पोस्ट एवं संबंधित अकाउंट की साइबर सेल की सहायता से विधिवत जांच कराई जाए और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं।
FIR दर्ज हो: यदि जांच में अपराध बनता हो, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रभावी रोक: भविष्य में इस प्रकार की सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने हेतु प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जाएं।
शोभा थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए नागरिकों का शिकायत पत्र प्राप्त कर लिया है। नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई का पूर्ण विश्वास जताया है। अब यह देखना है कि पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाती है।

