जिडार में 65वीं बटालियन CRPF की पहल, ग्रामीणों, युवाओं, स्कूली बच्चों और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
मैनपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने के लिए गरियाबंद जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत जिडार में 13 अगस्त को ‘हर घर तिरंगा’ रैली का आयोजन किया गया। CRPF की 65वीं बटालियन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, युवाओं, स्कूली बच्चों, आदिवासी समाज के प्रमुखों और पंचायत प्रतिनिधियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, शांति, विकास और सामाजिक विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। रैली के दौरान CRPF जवानों ने ग्रामीणों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली और क्षेत्र में जनभागीदारी का संदेश दिया।
जहां कभी नक्सल गतिविधियों का प्रभाव था, वहीं लहराया तिरंगा

कार्यक्रम का खास पहलू यह रहा कि तिरंगा रैली ऐसे क्षेत्र में आयोजित की गई, जिसे पूर्व में नक्सल गतिविधियों से प्रभावित माना जाता था। CRPF के अनुसार, रैली के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में बदलाव आया है।
रैली में जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को जनभागीदारी का रूप दिया।
ग्रामीणों और बच्चों ने बढ़ाया उत्साह
रैली में स्थानीय ग्रामीणों के अलावा युवा, स्कूली बच्चे, आदिवासी समाज के प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। CRPF जवानों ने ग्रामीणों से संवाद भी किया।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल केवल स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी औपचारिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि क्षेत्र में जनता और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने का प्रयास भी रही।
‘हर घर तिरंगा’ से दिया एकता का संदेश

CRPF की ओर से कहा गया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की एकता का प्रतीक है। अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर 65वीं बटालियन CRPF के सहायक कमांडेंट सुधीर कुमार ने भी अभियान के उद्देश्य और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर संदेश दिया।
पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र जिडार में आयोजित यह तिरंगा रैली शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ते क्षेत्र की तस्वीर के रूप में सामने आई। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयोजन में ग्रामीणों की भागीदारी ने इसे जनभागीदारी का रूप दिया।

