बरदुला के निराश्रित बुजुर्ग को बालोद के वृद्धाश्रम ने अपनाया, संस्था की टीम आज अपने साथ ले गई
मैनपुर। ग्राम बरदुला के यात्री प्रतीक्षालय में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहे निराश्रित सार्थिक यादव के जीवन में अब नई उम्मीद जगी है। उनके हालात को लेकर दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद बालोद के वृद्धाश्रम संस्था ने पहल की। संस्था ने सार्थिक यादव को अपने वृद्धाश्रम में रहने की जगह देने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद गुरुवार को संस्था की टीम बरदुला पहुंची और उन्हें अपने साथ बालोद ले गई।
यात्री प्रतीक्षालय बना था सहारा
सार्थिक यादव लंबे समय से निराश्रित स्थिति में बरदुला के यात्री प्रतीक्षालय में रहकर अपना जीवन गुजार रहे थे। रहने और खाने की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण उनका जीवन काफी कठिन परिस्थितियों में बीत रहा था। उनके हालात को लेकर दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित कर प्रशासन और समाज का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था।
खबर सामने आने के बाद बालोद स्थित वृद्धाश्रम संस्था के लोगों ने उनसे संपर्क कर उन्हें आश्रय देने की पहल की।
संस्था ने कहा- अब आश्रम में मिलेगा अपना घर
बालोद की संस्था ने सार्थिक यादव को वृद्धाश्रम में रहने की जगह उपलब्ध कराई है। संस्था की टीम आज बरदुला पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। अब उनके रहने, भोजन और देखभाल की व्यवस्था वृद्धाश्रम में होगी।
बालोद जिले में संचालित वृद्धाश्रमों में निराश्रित बुजुर्गों के लिए आश्रय की व्यवस्था की जाती है। सरकारी रिकॉर्ड में बालोद के शिकारिपारा स्थित समता जन कल्याण समिति (सुख आश्रय वृद्धाश्रम) का भी उल्लेख है।
खबर के बाद बदली जिंदगी, मिली नई छत
सार्थिक यादव के लिए यह सिर्फ एक जगह बदलने की घटना नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ने की शुरुआत है। कल तक जहां यात्री प्रतीक्षालय ही उनका सहारा था, वहीं अब उन्हें वृद्धाश्रम में रहने के लिए सुरक्षित स्थान मिल गया है।
दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद संस्था द्वारा आगे आकर उन्हें आश्रय देना इस बात का उदाहरण है कि किसी जरूरतमंद की समस्या समाज के सामने आने के बाद संवेदनशील लोग और संस्थाएं मदद के लिए आगे आ सकती हैं।
अब अकेले नहीं रहेंगे सार्थिक यादव
बरदुला से बालोद ले जाते समय संस्था की टीम के साथ सार्थिक यादव के चेहरे पर राहत नजर आई। लंबे समय से निराश्रित जीवन जी रहे सार्थिक यादव को अब वृद्धाश्रम में परिवार जैसा माहौल मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने भी संस्था की इस पहल की सराहना की है।



