गरियाबंद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गरियाबंद में आयोजित रायपुर संभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद एवं बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टरों की होगी तथा छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लगभग साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवों में जाकर किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग एवं उसके लाभों की जानकारी दें। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सेवक है और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को गति दी जाए, टीबी मुक्त पंचायतों का निर्माण किया जाए तथा आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत बनाए जाएं।
उन्होंने जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाने और प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आकलन करने के लिए जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना तथा धान उठाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल आयुष्मान कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनिटरिंग करने और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विषयों में शिक्षकों की कमी है, वहां एआई तकनीक का उपयोग कर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन, नशा उन्मूलन अभियान को मजबूत बनाने तथा नए आपराधिक कानूनों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।





