ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया महादेव ऐप का आरोपी, निजी विमान से रायपुर पहुंची CBI टीम; करीब 6 हजार करोड़ रुपए के कथित सट्टा सिंडिकेट से जुड़े राज खुलने की उम्मीद
रायपुर। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। करीब 6 हजार करोड़ रुपए के कथित सट्टेबाजी घोटाले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार (4 नवंबर) को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए चंद्राकर को मंगलवार शाम CBI की टीम निजी विमान से रायपुर लेकर पहुंची।
अब CBI अदालत में उसकी पेशी के दौरान पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के संचालन, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और कथित संरक्षण नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली में हुई थी पेशी
सौरभ चंद्राकर को 1 नवंबर को ओमान से भारत लाया गया था। इसके बाद 2 नवंबर को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। वहां CBI ने उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपी को 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए। इसी आदेश के तहत CBI टीम मंगलवार को उसे लेकर रायपुर पहुंची।
CBI और बचाव पक्ष के बीच प्रत्यर्पण को लेकर कानूनी विवाद
दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकीलों ने उसकी CBI मामले में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की शर्तों पर सवाल उठाए थे। बचाव पक्ष का तर्क था कि ओमान से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में हुई थी, इसलिए अलग CBI मामले में कार्रवाई की वैधता पर विचार होना चाहिए।
वहीं CBI ने अदालत को बताया कि रायपुर की विशेष अदालत पहले ही उसके खिलाफ ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है और इस मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
दिल्ली की अदालत ने प्रत्यर्पण की शर्तों और CBI मामले में मुकदमा चलाने की वैधता से जुड़े सवालों पर अंतिम फैसला रायपुर की अदालत के विचार के लिए छोड़ दिया था।
क्या है महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जाता था। CBI का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और सह-आरोपी रवि उप्पल ने इस सिंडिकेट को बढ़ावा दिया और पैनल व ब्रांच ऑपरेटरों के माध्यम से इसका विस्तार किया।
जांच में बड़ी संख्या में बैंक खातों के जरिए सट्टेबाजी की रकम का लेन-देन करने और कई स्तरों पर ट्रांजैक्शन के बाद रकम विदेश भेजने के आरोप सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन विदेश से किया जा रहा था और इसमें छत्तीसगढ़ के कई युवाओं को भी काम पर रखा गया था।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज
सौरभ चंद्राकर की रायपुर अदालत में पेशी को इस मामले की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। CBI उससे कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेन-देन, सहयोगियों और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ करना चाहती है।
अब सबकी नजरें रायपुर की विशेष CBI अदालत पर टिकी हैं। अदालत रिमांड और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।



