ठाकुर प्यारेलाल सिंह राज्य अलंकरण-2026 से सम्मानित हुई समिति; गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदान किया पुरस्कार, 50 रुपए में पर्यटकों को कराती है नौका विहार
जगदलपुर। बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में पर्यटन और मत्स्याखेट के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली प्राथमिक कुडूक मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट को प्रदेश के प्रतिष्ठित ठाकुर प्यारेलाल सिंह राज्य अलंकरण-2026 से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ के 26वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समिति को यह सम्मान प्रदान किया। समिति की ओर से धनसिंह बघेल ने पुरस्कार ग्रहण किया।
लोहंडीगुड़ा विकासखंड की यह समिति आज 62 मछुआ परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। समिति ने सहकारिता, पर्यटन और मत्स्याखेट को जोड़कर आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो प्रदेश की अन्य सहकारी समितियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
2009 में हुआ पंजीयन, अपनी कमाई से खरीदीं 7 नौकाएं
प्राथमिक कुडूक मछुआ सहकारी समिति का पंजीयन 23 मार्च 2009 को हुआ था। शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू करने वाली इस समिति ने धीरे-धीरे अपनी गतिविधियों का विस्तार किया। वर्तमान में समिति से 62 मछुआ परिवार जुड़े हुए हैं।
खास बात यह है कि समिति ने अपनी कमाई का उपयोग करके 7 नौकाएं खरीदीं और कार्यालय भवन का निर्माण भी कराया। इसके लिए सरकारी या बाहरी आर्थिक सहायता पर निर्भर रहने के बजाय अपनी अर्जित आय का इस्तेमाल किया।
50 रुपए में नौका विहार, दो साल में दोगुने से ज्यादा पर्यटक
चित्रकोट जलप्रपात पहुंचने वाले पर्यटकों को समिति महज 50 रुपए प्रति व्यक्ति की दर से नौका विहार की सुविधा उपलब्ध कराती है। किफायती शुल्क और सुरक्षित नौका संचालन के कारण यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
समिति के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में 30 हजार 775 पर्यटकों ने नौका विहार किया था। वहीं, वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 70 हजार से अधिक हो गई। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से समिति को 35 लाख रुपए से ज्यादा की आय प्राप्त हुई।
5.5 लाख रुपए का शुद्ध लाभ, 37 लाख पहुंचा संचित मुनाफा
समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 5.5 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इसमें से सदस्यों को 2.5 प्रतिशत की दर से लाभांश भी वितरित किया गया।
31 मार्च 2026 तक समिति का संचित लाभ बढ़कर 37 लाख रुपए तक पहुंच गया था। यह उपलब्धि समिति के बेहतर वित्तीय प्रबंधन और सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है।
62 परिवारों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मॉडल
चित्रकोट में पर्यटन गतिविधियों के संचालन और मत्स्याखेट के जरिए समिति ने स्थानीय मछुआ परिवारों को रोजगार का स्थायी माध्यम उपलब्ध कराया है। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए समिति ने ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
राज्य अलंकरण से सम्मानित होने के बाद चित्रकोट की इस समिति की उपलब्धि को प्रदेशभर में पहचान मिली है। यह मॉडल बताता है कि स्थानीय संसाधनों, सामूहिक भागीदारी और सहकारिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।



