मैनपुर। मैनपुर क्षेत्र में अवैध मुरुम उत्खनन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भाटीगढ़ में ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत मुरुम की खुदाई किए जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दिनभर मशीनों और वाहनों के माध्यम से मुरुम निकालने का कार्य चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई है।
जिस स्थान पर मुरुम की खुदाई किए जाने की शिकायत है, वह मैनपुर ब्लॉक मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद राजस्व और वन विभाग की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मुख्यालय के इतने नजदीक कथित रूप से लगातार उत्खनन होने के बाद भी विभागीय अमले को इसकी जानकारी नहीं होना गंभीर विषय है।
दिनभर चलने का आरोप
भाटीगढ़ क्षेत्र में कथित रूप से मुरुम उत्खनन का कार्य दिन के समय खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा मुरुम निकालकर वाहनों से अन्य स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। यदि उत्खनन के लिए वैध अनुमति, खनिज परिवहन पास और निर्धारित रॉयल्टी संबंधी दस्तावेज नहीं हैं, तो यह मामला अवैध खनन की श्रेणी में आ सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर उत्खनन स्थल की जांच करे। जांच में खनन अनुमति, खसरा नंबर, भूमि की प्रकृति, मुरुम की मात्रा, परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेज, रॉयल्टी पर्ची और पर्यावरणीय नियमों के पालन की पड़ताल की जाए।
विभागीय कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि मैनपुर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। भाटीगढ़ में कथित मुरुम उत्खनन को लेकर भी लोगों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप जांच के बिना प्रमाणित नहीं माना जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि उत्खनन वैध अनुमति के आधार पर हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
तहसीलदार ने क्या कहा?
इस संबंध में मैनपुर तहसीलदार गेंदलाल साहू से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। उन्हें अवैध मुरुम उत्खनन की स्थिति से अवगत कराए जाने पर उन्होंने कहा कि यदि दोबारा ऐसा मामला सामने आता है तो जानकारी दें,तब देखेंगे। उन्होंने बताया कि वह उस समय बैठक में हैं।
तहसीलदार के इस जवाब के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन केवल सूचना की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं मौके का निरीक्षण करे और तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
भाटीगढ़ में मुरुम उत्खनन स्थल का तत्काल संयुक्त निरीक्षण किया जाए
राजस्व, खनिज और वन विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाए
बिना अनुमति उत्खनन पाए जाने पर मशीनों और वाहनों पर कार्रवाई की जाए
अवैध परिवहन की स्थिति में रॉयल्टी, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए
उत्खनन से प्रभावित भूमि और पर्यावरणीय नुकसान का आकलन कराया जाए
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि मैनपुर जैसे आदिवासी और वनांचल क्षेत्र में मुरुम, रेत और अन्य खनिज संसाधनों का नियमों के विपरीत दोहन होने पर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, साथ ही ग्रामीण मार्गों, कृषि भूमि और पर्यावरण पर भी असर पड़ता है। अब देखना होगा कि प्रशासन भाटीगढ़ में उठी इस शिकायत की कब और किस स्तर पर जांच कराता है।


