मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के छोटे से गांव सरगीगुड़ा के होनहार छात्र विशाल कश्यप ने पहले ही प्रयास में NEET-2026 क्वालीफाई कर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दंतेवाड़ा में प्रवेश हासिल किया है। बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान पर निर्भर हुए सेल्फ स्टडी, अनुशासन और सतत मेहनत के बल पर मिली यह सफलता परिवार, कश्यप समाज और पूरे मैनपुर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बनी है।
दंतेवाड़ा के शासकीय मेडिकल कॉलेज में 2026-27 सत्र के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू हुआ है और 50 सीटों पर प्रवेश की व्यवस्था की गई है। विशाल का चयन ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा माना जा रहा है।
बड़े कोचिंग संस्थान के बिना हासिल किया मुकाम

विशाल कश्यप ने अपनी NEET तैयारी के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दी। उन्होंने रायपुर स्थित ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी में कक्षा 12वीं की पढ़ाई के दौरान अपनी तैयारी जारी रखी और पहले प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।
विशाल की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर उरमाल से हुई। इसके बाद उन्होंने रायपुर में आगे की पढ़ाई की। व्यवस्थित समय-सारिणी, नियमित अभ्यास, विषयों की लगातार पुनरावृत्ति और परिवार के सहयोग ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की।
बचपन से पढ़ाई में गंभीर रहे विशाल
विशाल के पिता अभय कश्यप, जो व्याख्याता हैं, बताते हैं कि विशाल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं। उन्होंने स्कूल परीक्षाओं के साथ-साथ जवाहर उत्कर्ष योजना और नवोदय विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया।
पिता के अनुसार, विशाल का आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय और विषयों के प्रति गंभीरता उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रही। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन किसी विद्यार्थी की सफलता में बाधा नहीं बनते, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए।
मां ने कहा—लक्ष्य बनाकर की दिन-रात मेहनत
विशाल की मां एनीता कश्यप, जो शिक्षिका हैं, ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विशाल ने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर NEET की तैयारी लगातार की। तैयारी के दौरान परिवार ने उसे पूरा सहयोग दिया और उसकी सेहत व पढ़ाई की दिनचर्या का विशेष ध्यान रखा।
उन्होंने बेटे की मेहनत के साथ पिता अभय कश्यप के मार्गदर्शन को भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। एनीता कश्यप ने कहा कि विशाल का मेडिकल कॉलेज में चयन परिवार के लिए गर्व का क्षण है और अब उसका अगला लक्ष्य एक संवेदनशील व कुशल डॉक्टर बनना होना चाहिए।
परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
विशाल कश्यप ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने विशेष रूप से पिता अभय कश्यप, मामा कृष्ण कुमार सोम और बड़े भाई प्रशांत कश्यप का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कम समय में NEET तैयारी की रणनीति बनाने में मार्गदर्शन दिया।
विशाल ने ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी के शिक्षकों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति स्पष्टता, नियमित पढ़ाई, अपनी कमजोरियों की पहचान और अभ्यास से किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है।
सरगीगुड़ा से मेडिकल कॉलेज तक का सफर बना प्रेरणा
विशाल कश्यप के चयन की खबर मिलते ही सरगीगुड़ा गांव, मैनपुर क्षेत्र और कश्यप समाज में खुशी का माहौल है। सामान्य ग्रामीण परिवेश से निकलकर पहले ही प्रयास में NEET क्वालीफाई कर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरक उदाहरण बन गया है।
विशाल की सफलता यह संदेश देती है कि अच्छी तैयारी के लिए केवल बड़े शहरों या महंगे संस्थानों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर स्व-अध्ययन भी बड़े लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं।


