2018 में पूरा हुआ था 5.70 किमी सड़क का काम, 23 अगस्त 2023 को खत्म हुआ पांच साल का अनुरक्षण; नई स्वीकृति की प्रक्रिया में लग रहा समय
मैनपुर। पथर्री से बोइरगांव तक जाने वाली 5.70 किमी सड़क इन दिनों बदहाल हो गई है। वर्ष 2018-19 में इस सड़क के नवीनीकरण की स्वीकृति मिली थी और काम 23 अगस्त 2018 को पूरा हुआ था। इसके बाद पांच साल का अनुरक्षण अनुबंध रहा, जिसकी अवधि 23 अगस्त 2023 को समाप्त हो गई। इसके बाद सड़क की हालत लगातार बिगड़ती गई। बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही से सड़क के कई हिस्से उखड़ गए हैं और गड्ढे बढ़ गए हैं।
हालांकि, PMGSY में पांच साल का ठेका खत्म होने का मतलब सड़क की जिम्मेदारी खत्म होना नहीं है। योजना के तहत निर्माण के साथ पांच साल के नियमित रखरखाव का प्रावधान है और इसके बाद भी सड़क के रखरखाव तथा जरूरत के अनुसार नवीनीकरण की व्यवस्था राज्य स्तर पर रहती है।
खराब सड़क के बाद भी तुरंत नहीं मिलती मंजूरी
ग्रामीण सड़क खराब होने के बाद उसका नया निर्माण या नवीनीकरण तत्काल शुरू नहीं हो जाता। सड़क की स्थिति का आकलन, प्राथमिकता तय करने, तकनीकी जांच और प्रस्ताव तैयार करने के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होती है। PMGSY में उपलब्ध राशि और तय प्राथमिकताओं के आधार पर सड़क कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लिया जाता है।
मैनपुर क्षेत्र में ग्रामीणों के अनुसार कई सड़कों की स्थिति खराब होने के बाद विभागीय स्तर पर उनका सर्वे और प्रस्ताव तैयार किया जाता है। स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि 15-20 सड़कों की सूची में से कई बार एक वर्ष में केवल 1 से 3 सड़कों को ही स्वीकृति मिल पाती है। ऐसे में बाकी सड़कों को अगली स्वीकृति का इंतजार करना पड़ता है।
यही इंतजार कई सड़कों की स्थिति को और खराब कर देता है। जिस सड़क को समय रहते मरम्मत या नवीनीकरण मिल सकता था, वह बारिश और वाहनों के दबाव के कारण धीरे-धीरे पूरी तरह जर्जर होने लगती है।
पथर्री-बोइरगांव सड़क भी इसी इंतजार में
पथर्री-बोइरगांव मार्ग का नवीनीकरण वर्ष 2018-19 में स्वीकृत हुआ था। 23 अगस्त 2018 को काम पूरा हुआ और पांच साल का अनुरक्षण 23 अगस्त 2023 को समाप्त हो गया। अब सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ग्रामीण चाहते हैं कि विभाग इसका निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई करे।
PMGSY के दिशा-निर्देशों में ग्रामीण सड़कों की स्थिति के आधार पर उनके रखरखाव और नवीनीकरण की व्यवस्था है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और हर मौसम में उपयोगी सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
सड़क पूरी तरह टूटने से पहले हो नवीनीकरण
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पूरी तरह खराब होने के बाद बड़े पुनर्निर्माण की जरूरत पड़ने से पहले ही उसका नवीनीकरण किया जाना चाहिए। समय पर मरम्मत होने से सड़क की उम्र बढ़ाई जा सकती है और ग्रामीणों को भी लंबे समय तक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
अब पथर्री-बोइरगांव मार्ग को लेकर ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि सड़क का नया सर्वे कब होगा, प्रस्ताव किस प्राथमिकता में शामिल होगा और शासन से इसकी स्वीकृति कब मिलेगी।
PMGSY के आधिकारिक दस्तावेजों में भी सड़क रखरखाव के लिए राज्य स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था और समय पर रखरखाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
सड़क के प्रमुख तथ्य
- सड़क: पथर्री से बोइरगांव
- लंबाई: 5.70 किमी
- ब्लॉक: मैनपुर
- नवीनीकरण स्वीकृति: 2018-19
- कार्य पूर्ण: 23 अगस्त 2018
- पांच वर्ष का अनुरक्षण पूर्ण: 23 अगस्त 2023
- मौजूदा समस्या: सड़क की खराब हालत और नए नवीनीकरण की जरूरत
मुख्य सवाल: सड़क खराब होने के बाद सर्वे और प्रस्ताव की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और शासन स्तर से स्वीकृति मिलने तक ग्रामीणों को कितने समय तक इसी बदहाल सड़क से गुजरना पड़ेगा?



