छोटे डोंगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बलिया से पकड़ा, न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में
नारायणपुर। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छोटे डोंगर पुलिस ने एक महिला का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उसकी पहचान से परिचितों और अन्य लोगों से पैसे मांगने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना 6 अगस्त 2026 की है। प्रार्थिया के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने अपना नाम आलोक बताते हुए कहा कि प्रार्थिया के नाम से ग्राम पंचायत छोटे डोंगर में सामान पहुंचा है। सामान लेने के लिए उसने एक मोबाइल नंबर डायल करने को कहा।
प्रार्थिया ने बताए गए नंबर पर कॉल किया। इसके कुछ समय बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट अनधिकृत रूप से एक्सेस कर लिया गया। इसके बाद आरोपी ने उसके व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल करते हुए उसके परिचितों और अन्य लोगों को उसकी पहचान से पैसे मांगने वाले संदेश भेजना शुरू कर दिया।
प्रार्थिया ने ऐसे कोई संदेश नहीं भेजे थे। मामले की शिकायत मिलने पर छोटे डोंगर थाने में अपराध क्रमांक 19/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) व 66(D) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस टीम ने मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल जानकारियों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस को आरोपी के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद छोटे डोंगर पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और रितेश गुप्ता (22), निवासी बड़ा गांव, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी छोटे डोंगर निरीक्षक हरिशंकर प्रसाद ध्रुव, सहायक उप निरीक्षक रूमंत देवांगन, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक राजकुमार सोरी, आरक्षक कमल किशोर जोशी और साइबर सेल आरक्षक संदीप चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस छोटे डोंगर मनोज मंडावी और उप पुलिस अधीक्षक साइबर आशीष कुमार नेताम के पर्यवेक्षण में जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस की अपील- OTP और पासवर्ड किसी से साझा न करें
नारायणपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई संदिग्ध मोबाइल नंबर, लिंक या कोड डायल अथवा क्लिक न करें। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर सेल से संपर्क करने की अपील की गई है। समय पर शिकायत दर्ज कराने से साइबर अपराध की जांच और संभावित आर्थिक नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों की जांच के लिए अलग साइबर पुलिस व्यवस्था भी विकसित की गई है।

