मैनपुर। एक ओर सरकार स्कूलों में बेहतर शिक्षा और स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर विकासखंड मैनपुर की शासकीय प्राथमिक शाला बरडूला आज भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। पिछले कई वर्षों से विद्यालय में शौचालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। स्कूलों में सुरक्षित एवं उपयोग योग्य शौचालय उपलब्ध कराना शिक्षा और स्वच्छता संबंधी मानकों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत छोटे-छोटे बच्चों को हर दिन स्कूल परिसर से बाहर जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। खुले में जाने के कारण बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शौचालय नहीं होने से छात्राओं को सबसे अधिक असुविधा होती है। कई बार उन्हें पढ़ाई के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब सरकार हर विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, तब बरडूला प्राथमिक शाला की स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या कहते हैं बीईओ
विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल ने बताया कि विकासखंड के जिन विद्यालयों में शौचालय नहीं हैं, उन सभी के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलते ही शौचालय निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

