गरियाबंद। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फिंगेश्वर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 10.961 किलोग्राम गांजा, एक बोलेरो वाहन, पांच टच स्क्रीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वहीं जांच के दौरान गांजा खरीदने वाले दो कथित तस्करों को रायपुर से गिरफ्तार कर मामले में एंड-टू-एंड कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान 24 जुलाई को राजिम-महासमुंद-छुरा मार्ग पर लगाए गए चेक पॉइंट में एक संदिग्ध बोलेरो वाहन (सीजी-18-एल-6718) को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 2.982 किलोग्राम गांजा, तीन टच स्क्रीन मोबाइल और बोलेरो वाहन बरामद किया गया। जब्त गांजे की कीमत करीब ₹2.75 लाख आंकी गई है, जबकि वाहन और मोबाइल सहित कुल जब्ती की कीमत लगभग ₹8.25 लाख बताई गई।
पूछताछ में पुलिस ने कोसमबुड़ा निवासी उमेश यादव, फिंगेश्वर निवासी जितेंद्र बघेल तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र निवासी मोहम्मद शकील उर्फ राजा लाइट और मोहम्मद फैजान बख्श को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों की भूमिका गांजा खरीदने और नेटवर्क से जुड़ी मिली, जिसके आधार पर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत कार्रवाई की गई।
इसके अगले दिन 25 जुलाई को मुखबिर से मिली सूचना पर फिंगेश्वर पुलिस ने ग्राम बोरसी के पास चैतरा मोड़ स्थित एक सूने मकान में दबिश दी। यहां से महेश उर्फ शिवांश जांगड़े और लवीन कुमार जांगड़े को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 7.979 किलोग्राम गांजा और दो टच स्क्रीन मोबाइल जब्त किए। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत ₹4 लाख बताई गई है। मोबाइल सहित कुल जब्ती करीब ₹4.20 लाख की है।
दोनों मामलों में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
गरियाबंद पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग, निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया गया है, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।





