रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 24 जून 2026 को छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ग्राम सभाओं में आवास योजना से संबंधित सूची का सार्वजनिक सत्यापन किया जाएगा, जिससे पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की पहचान पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा सके। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीण सूची का अवलोकन कर सकेंगे तथा किसी प्रकार की आपत्ति या दावा प्रस्तुत कर सकेंगे।

पात्र हितग्राहियों की सूची होगी तैयार
ग्राम सभाओं के दौरान आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची की समीक्षा की जाएगी और पात्र परिवारों का चयन किया जाएगा। इसके बाद ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित अंतिम सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा, जिससे चयनित हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए ग्राम सभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया गया है।
ग्राम सभा में इन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा पंचायत से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। इनमें शामिल हैं—
- ग्राम पंचायत के आय-व्यय की समीक्षा
- विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी
- आजीविका मिशन (बी.जी. आर.जी.) की गतिविधियों की समीक्षा
- रोजगार एवं समय पर भुगतान संबंधी विषय
- पंचायत स्तर पर चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति
आवास प्लस 2024 के निष्कासन मानदंड भी होंगे लागू
आवास प्लस 2024 (Awaas+ 2024 PWL Generation) की नवीनतम SOP के अनुसार ग्राम सभाओं में परिवारों का सत्यापन 12 निष्कासन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। जिन परिवारों पर इनमें से कोई भी मानदंड लागू होगा, वे आवास योजना के लिए अपात्र माने जा सकते हैं।
प्रमुख निष्कासन मानदंड
- पक्के घर में निवास करने वाले परिवार
- दो से अधिक कमरों वाले घर
- मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन के मालिक
- यंत्रीकृत कृषि उपकरण रखने वाले परिवार
- 50 हजार रुपये या उससे अधिक सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड धारक
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी होना
- पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम का संचालन
- परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक होना
- आयकर दाता परिवार
- व्यावसायिक कर (प्रोफेशनल टैक्स) देने वाले परिवार
- 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि का स्वामित्व
- 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि का स्वामित्व
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
सरकार का उद्देश्य है कि ग्राम सभाओं के माध्यम से पात्र परिवारों की सही पहचान हो और वास्तव में आवास की आवश्यकता रखने वाले परिवारों को योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और सार्वजनिक सत्यापन को विशेष महत्व दिया गया है।
“आपका सहयोग, हर परिवार को पक्का घर” के संकल्प के साथ आयोजित होने वाली ये ग्राम सभाएं ग्रामीण आवास योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।





