एनकॉर्ड समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय और संयुक्त कार्रवाई पर जोर
गरियाबंद। जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति, सड़क सुरक्षा एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशामुक्ति अभियान, अवैध परिवहन पर कार्रवाई, मेडिकल जांच और अंतर्राज्यीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब की बिक्री और आवाजाही पर रोक लगाने के लिए देवभोग के खुटगांव, अमलीपदर के बिरीघाट और छुरा के कोसमबुड़ा तिराहा में स्थायी चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से लगातार जांच की जा रही है। वहीं बरही नाका में भी समय-समय पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
अंतर्राज्यीय समन्वय को मजबूत बनाने के लिए ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा नवरंगपुर, कालाहांडी और नुआपाड़ा जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक अवैध शराब से जुड़े 329 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1805.170 लीटर शराब जब्त की गई है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 90 हजार 410 रुपये बताई गई है। साथ ही 16 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। वहीं 29 अप्रैल के बाद 35 प्रकरणों में 151.750 लीटर शराब और 32 हजार 870 रुपये मूल्य की सामग्री जब्त कर एक दोपहिया वाहन जप्त किया गया है।
वन विभाग द्वारा जिले के वनोपज जांच नाकों पर नियमित सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। दूरस्थ वन क्षेत्रों में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूलों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला चिकित्सालय के स्पर्श क्लीनिक में नशे से प्रभावित लोगों का उपचार और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक 84 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। वहीं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत कोटपा एक्ट 2003 के तहत 19 चालान कर 800 रुपये की वसूली की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के 26 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर मेसर्स नीलम मेडिकल स्टोर्स फिंगेश्वर और मेसर्स यशोदा मेडिकल स्टोर्स राजिम के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रकरण अनुज्ञापन प्राधिकारी को भेजे गए हैं। वहीं कोटपा एक्ट के उल्लंघन पर 87 चालानों के माध्यम से 3800 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सभी वृत्त प्रभारियों को अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय टीमों द्वारा लगातार गश्त और कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025-26 में कुल 664 अपराध दर्ज कर 4273.52 लीटर मदिरा तथा अन्य सामग्री जब्त की गई है।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री उइके ने परिवहन विभाग को अन्य विभागों के साथ मिलकर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही यात्री बसों में नशामुक्ति जागरूकता पंपलेट वितरित करने तथा सुशासन तिहार के दौरान अस्थायी ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि लोगों को नशे से दूर रहने और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति लगातार जागरूक किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



