कृषि वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी, पोषण वाटिका और कृषि आधारित उद्यम अपनाने के लिए किया प्रेरित
गरियाबंद। महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम कोकड़ी में महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, गरियाबंद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिला किसानों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कृषि वैज्ञानिकों ने महिलाओं को वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक कृषि, मशरूम उत्पादन और पोषण वाटिका के महत्व की जानकारी देते हुए कृषि आधारित स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वैज्ञानिक खेती और प्राकृतिक कृषि पर दिया जोर
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि वैज्ञानिक डॉ. शालू अब्राहम ने फसल उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिला किसानों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने तथा खेती के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि कृषि संबंधी गतिविधियों को बेहतर तकनीकों के साथ अपनाकर महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।
धान की फसल को कीटों से बचाने के बताए उपाय
कीट वैज्ञानिक डॉ. ज्योति रमा ने धान की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान, उनके नुकसान और प्रभावी प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने फसल को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए समय पर पहचान और उचित प्रबंधन के महत्व को समझाया।
इसके साथ ही उन्होंने मशरूम उत्पादन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे महिला किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक विकल्प बताया। मशरूम उत्पादन के माध्यम से महिलाएं कृषि आधारित छोटे उद्यम विकसित करने की दिशा में प्रयास कर सकती हैं।
पोषण वाटिका से परिवार को मिलेगा पौष्टिक आहार
उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. खुशबू साहू ने सब्जियों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत उत्पादन तकनीकों और पोषण वाटिका के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर के आसपास पोषण वाटिका विकसित कर विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है।
इससे परिवार की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। वहीं, जरूरत से अधिक उत्पादित सब्जियों का विक्रय कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महिला किसानों को किया प्रेरित
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना था। वैज्ञानिकों ने खेती में नई तकनीकों को अपनाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छोटे कृषि आधारित उद्यम विकसित करने की संभावनाओं पर जानकारी दी।
इस अवसर पर ग्राम की पूर्व सरपंच श्रीमती झारनी ध्रुव सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को कृषि संबंधी नई जानकारियां प्राप्त करने और अपनी आय बढ़ाने के संभावित तरीकों को समझने का अवसर मिला।




