पुलिस, श्रम, डाक और बाल संरक्षण विभाग की कार्यप्रणाली से हुईं परिचित; अधिकारियों ने दी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी
गरियाबंद। बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और शासकीय सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में बिटिया अभियान के तहत शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गरियाबंद की 30 बालिकाओं को विभिन्न सरकारी कार्यालयों का भ्रमण कराया। इस दौरान छात्राओं ने विभागों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
यह कार्यक्रम कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग वरुण नागेश के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को सरकारी विभागों की जिम्मेदारियों, उनके अधिकारों और शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से परिचित कराना था।
पुलिस से लेकर बाल संरक्षण शाखा तक पहुंचीं छात्राएं
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बालिकाओं ने पुलिस विभाग, पुलिस थाना, श्रम विभाग, डाक विभाग और एकीकृत बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) शाखा का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि विभिन्न विभाग किस प्रकार कार्य करते हैं और आम नागरिकों को इनसे किस तरह की सुविधाएं मिलती हैं।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर और उप पुलिस अधीक्षक गरिमा दादर ने बालिकाओं को कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली तथा महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस दौरान सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से सहायता लेने के महत्व को समझाया गया।
श्रमिकों के अधिकार और डाक सेवाओं की मिली जानकारी
भ्रमण के दौरान श्रम विभाग में श्रम पदाधिकारी जयंती बंसल ने छात्राओं को श्रमिकों के अधिकारों और विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभाग की भूमिका और श्रमिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया।
वहीं, डाक विभाग में पीए धनेश्वर साहू और नागेश्वर कुमार ने डाकघर की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न डाक सेवाओं की जानकारी दी। इससे छात्राओं को दैनिक जीवन में उपयोगी सरकारी सेवाओं और उनके महत्व को समझने का अवसर मिला।
बच्चों के अधिकार और संरक्षण पर भी हुई चर्चा
एकीकृत बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) शाखा में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी ने बाल अधिकारों, बच्चों के संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को बच्चों की सुरक्षा के लिए विभाग की भूमिका और उपलब्ध सहायता व्यवस्था से परिचित कराया।
अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना अभियान का उद्देश्य
इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से बालिकाओं को केवल पुस्तकीय जानकारी तक सीमित न रखते हुए सरकारी व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संवाद कर छात्राओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली, नागरिक सेवाओं और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
बिटिया अभियान की यह पहल बालिकाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्राओं को भविष्य में जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।





