फरसेगढ़ पुलिस, DRG और BDS की संयुक्त कार्रवाई; 8 किलो जिलेटिन, 108 जिंदा कारतूस, देशी कट्टा और वॉकी-टॉकी समेत बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त
बीजापुर। जिले में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के बड़ेआलवाड़ा गांव के पास जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार, जिंदा कारतूस, विस्फोटक और संचार उपकरण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई थाना फरसेगढ़, DRG बीजापुर और BDS बीजापुर की संयुक्त टीम ने की।
मुखबिर की सूचना पर चलाया गया सर्चिंग अभियान
पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बड़ेआलवाड़ा के आसपास जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों द्वारा हथियार और अन्य सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक बीजापुर के निर्देशन में संयुक्त टीम ने इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया।
सर्चिंग के दौरान टीम को जंगल में छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री मिली। मौके पर मौजूद BDS टीम ने आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया और डिमाइनिंग के बाद बरामद सामग्री को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया।
देशी कट्टा और 108 जिंदा कारतूस बरामद
सुरक्षा बलों को मौके से 315 बोर का एक देशी कट्टा, 315 बोर के 49 जिंदा राउंड, 303 रायफल के 25 जिंदा राउंड और 12 बोर के 34 जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा 303 रायफल का बट प्लेट, बोल्ट, खाली मैगजीन और अन्य पार्ट्स भी बरामद किए गए हैं।
8 किलो जिलेटिन समेत संचार उपकरण जब्त
बरामद सामग्री में करीब 8 किलो जिलेटिन, छह वॉकी-टॉकी सेट मय चार्जर और एक मेन पैक सेट भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और कॉपर वायर, डेटोनेटर वायर, क्लच वायर, बैटरी, सेल, स्विच, सॉकेट और अन्य उपकरण व टूल्स भी बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
जंगल में लगातार जारी है सर्चिंग अभियान
बड़ेआलवाड़ा क्षेत्र में हुई इस बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों द्वारा आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सर्चिंग एवं निगरानी जारी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर ऐसे अभियानों के जरिए माओवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली हथियार एवं अन्य सामग्री का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।



