मैनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में पागल कुत्तों का आतंक से दहशत में है ग्रामीण

मैनपुर । ब्लॉक मुख्यालय के ग्रामीण इलाकों में आवारा या पागल कुत्तों के हमलों से काफी डर का माहौल है। ये समस्या पूरे ब्लॉक में बढ़ रही है, लेकिन हाल के महीनों में कई जगहों पर ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा और नियंत्रण कम होता है।वही आज ग्राम भाटीगढ़ और हरदीभाटा के लगभग पांच लोगों को कुत्ता ने बुरी तरह से काटा है और अब तक कुत्ता पर किसी प्रकार से नियंत्रण नहीं रखा जा रहा है

हाल की घटना में एक 4 साल के बच्चे पर कुत्ते ने सिर पकड़कर घसीटा, और कई जगह बच्चों-बुजुर्गों पर हमले हुए। रेबीज (पागलपन) का खतरा बहुत ज्यादा है।
ग्रामीणों में दहशत माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि पशु भी शिकार बन रहे हैं।साथ ही कुत्ता ,कुत्तों को भी काट रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि जल्द ही किसी प्रकार प्रशासन से पागल और आवारा कुत्तों को नियंत्रण में कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में खतरा और बढ़ सकता है । क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा और पागल कुत्तों को नियंत्रण चुनौती पूर्ण हो गया है। आज जिस तरह से पांच लोगों को आवारा और पागल कुत्तों के द्वारा काटा गया है यदि जल्द ही इस इन कुत्तों के ऊपर प्रशासन का नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में रेबीज बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। अभी फिलहाल पांच लोगों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर में चल रहा है।

कुत्ता के काटने के बाद तुरंत चिकित्सा
किसी भी कुत्ते के काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं और एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) का कोर्स पूरा करें। रेबीज 100% घातक है, लेकिन समय पर वैक्सीन से रोका जा सकता है। घाव को साबुन और पानी से अच्छे से धोएं।
स्थानीय प्रशासन से मदद की मांग
पंचायत, नगर निगम (या ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक/तहसील ऑफिस), पुलिस या पशुपालन विभाग को शिकायत करें।
ABC (Animal Birth Control) प्रोग्राम के तहत स्टेरलाइजेशन और वैक्सीनेशन होता है, लेकिन कई जगहों पर धीमा है।
सुरक्षा के उपाय पर ध्यान दें
बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। घर के आसपास कूड़ा कम रखें (कुत्तों को आकर्षित करता है)।
लाठी या कोई सुरक्षित तरीके से दूर रखने की कोशिश करें, लेकिन खुद को खतरे में न डालें।अगर पागल कुत्ता दिखे (अजीब व्यवहार, झाग, डरावना भौंकना), तो तुरंत सूचना दें और दूर रहें।

