राधे पटेल / गरियाबंद गरियाबंद। Gariaband जिले में एक बार फिर तेंदुए के हमले ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। जिले के Kotrichhapar गांव में 3 साल की एक मासूम बच्ची पर तेंदुए ने अचानक हमला कर उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की। हालांकि मां और ग्रामीणों की तत्परता और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय की है जब बच्ची अपने घर के आंगन के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया और उसे मुंह में दबाकर ले जाने का प्रयास करने लगा। बच्ची की चीख सुनते ही उसकी मां ने जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बिना देर किए साहस का परिचय देते हुए तेंदुए का सामना किया और किसी तरह बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। इस दौरान बच्ची के गर्दन और पैर में कई जगह गहरी चोटें आई हैं। परिजनों ने तत्काल उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। बच्ची की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल 1,000 रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि प्रदान की गई है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की सलाह दी गई है। वन विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की भी बात कही जा रही है।
पहले भी हो चुका है हमला, दहशत में जी रहे ग्रामीण
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल बना है। करीब दो महीने पहले भी इसी इलाके में तेंदुए ने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रभावित गांवों में नियमित निगरानी, पिंजरा लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





